कड़ाके की सर्दी से सोमवार को भी हर कोई ठिठुर गया। कोहरे व शीत लहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। कुछ देर के लिए सूरज दिखा, लेकिन फिर आसमान में बदली की चादर छा गई।
मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान लुढ़ककर चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। स्कूल खुले होने के कारण बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सरकारी दफ्तरों में सर्दी का असर दिखा।
कर्मियों ने अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने की कोशिश की। दूसरे दिन भी सर्दी का सितम कम नहीं हुआ। कोहरे के बीच सर्द हवा चलने से लोग ठिठुरते नजर आए। रविवार की छुट्टी के बाद स्कूल भी खुले।
इससे छात्र-छात्राओं को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। सर्दी का आलम ये रहा कि लोग घरों में ही कैद रहे और अलाव जलाकर राहत पाने की कोशिश की।
कुछ देर के लिए सूरज दिखा, लेकिन फिर बदली की चादर छा गई। गलन भी रही। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस था।
लेकिन सोमवार को न्यूनतम पारा 4.00 डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी अलाव तापते नजर आए। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए।
यही नहीं सुपर मार्केट, जिला अस्पताल चौराहा, कैपरगंज समेत अन्य स्थानों पर सर्दी के कारण देर शाम ही लोगों की भीड़ कम हो गई।
जिले में सर्दी बढ़ गई है, लेकिन शहर हो या फिर देहात क्षेत्र, कहीं पर भी अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे शहर आने वाले लोगों को सर्दी में परेशान होना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल चौराहा, सिविल लाइंस, पुलिस लाइंस और डिग्री कॉलेज चौराहा समेत अन्य स्थानों पर अलाव नहीं जलवाए गए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद का कहना है कि नगर पालिका और तहसील के अधिकारियों अलाव जलवाने के निर्देश दिए गए हैं।