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Raebareli News: सड़कें दे रही कमर दर्द, वाहनों के पुर्जे भी हो रहे ढीले

Tue, 22 Sep 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली। शहर की खस्ताहाल सड़कों से लोगों का सफर मुश्किल भरा हो गया है। बदहाल सड़कों पर सफर करने से चालकों व सवारियों को कमर दर्द भी दे रही है। गड्ढायुक्त सड़कों पर चलने से वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसका नुकसान भी देब पर बोझ बढ़ा रहा है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण आए दिन होने वाले हादसों में पैदल चलने वाले राहगीर व दो पहिया वाहन चालक भी चोटिल हो रहे हैं।
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इसके बावजूद शहर की बदहाल पड़ी सड़कों को दुरुस्त बनाने को लेकर जिम्मेदार उदासीन है। साल भर में सड़कों की सेहत सुधारने के नाम पर नौ करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च होने के बावजूद अधिकांश सड़कों पर गड्ढे बरकरार हैं। इसका कारण सड़कों के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करना रहा। किला बाजार पुलिस चौकी, जिला अस्पताल चौराहा, कहारों का अड्डा समेत अन्य स्थानों पर गड्ढे होने से नागरिकों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। 15 दिन पहले सरस्वती नगर की निर्मला सिंह गड्ढे में गिर कर चोटिल हो गई थी। जहानाबाद व गल्ला मंडी के पास भी आए दिन गड्ढों में फंसकर वाहन पलट जाते हैं।
राना नगर निवासी एवं वाहन विशेषज्ञ रमाशंकर अग्निहोत्री ने बताया कि खस्ताहाल सड़कों पर चलने से सबसे ज्यादा नुकसान वाहनों को होता है। एक बार वाहन खराब होने में उसे ठीक करने पर तीन से चार हजार रुपये तक खर्च आता है। लगातार झटकों से शॉकर लीक होने लगते हैं। बड़े गड्ढों से टायर की साइडवॉल फूल जाती है या रिम (Rim) बेंट हो जाता है। विकास नगर निवासी बाइक मालिक राजू अग्निहोत्री ने बताया कि जलभराव वाली सड़कों पर पानी कंबशन चैंबर में जाने से पिस्टन/शाफ्ट खराब हो जाते हैं। दो माह में बाइक ठीक कराने में तीन हजार रुपये का खर्च आया है। स्कूटी मालिक सुरेंद्र चौधरी बताते हैं कि उनका वाहन भी कई दफा खराब हो चुका है।
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सड़कें इतनी खराब हैं कि सफर करना मुश्किल है। सड़कों के कायाकल्प में कमीशनबाजी की जाती है। इसी का नतीजा रहता है कि सड़कें कम समय में खराब हो रही हैं। इससे व्यापार भी चौपट होता है। सड़कों का कायाकल्प कर जल्द दुरुस्त बनाया जाए।
राकेश गुप्ता, व्यापारी नेता
प्रतिदिन ओपीडी में 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 30 से 40 मरीज कमर दर्द की शिकायत लेकर आते हैं। युवाओं की संख्या अधिक रहती है। लगातार बाइक चलाने और रास्ते में लगने वाले झटकों से कमर की परेशानी बढ़ सकती है। मरीजों को बाइक चलाने से बचने और बेल्ट लगाने की सलाह दी जा रही है। खस्ताहाल सड़कों की वजह से ऐसा हो रहा है।
डॉ. डीपी सरोज, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
हादसों की वजह बन रही सड़क
खस्ताहाल सड़कें भी हादसों की वजह बनती हैं। ऐसे में सड़कें यदि बेहतर हो तो यातायात व्यवस्था और बेहतर हो सकती है। साथ ही हादसों में भी कमी आ सकती है। हालांकि यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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विजयशंकर यादव, सीओ ट्रैफिक
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