रायबरेली। सरकारी जमीन पर प्लाटिंग करके बेचे जाने के मामले की खबर अमर उजाला में छपने के बाद सोमवार को तहसील के अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर के निर्देश पर राजस्व टीम रामपुर गांव पहुंची और देखा कि कहां पर प्लाटिंग कराई गई। स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए। एसडीएम का दावा है कि हर बिंदु पर पड़ताल कराई जा रही है। पूरी जांच के बाद रामपुर के पूर्व प्रधान लक्ष्मीकांत और लेखपाल रवि कुमार समेत अन्य दोषियों पर कार्रवाई होगी।
सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर ग्राम में पूर्व प्रधान ने क्षेत्रीय लेखपाल की मिलीभगत से तालाब-चरागाह की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करके प्लाटिंग कर लिया। अब प्लाट बेच रहे हैं। गांव के रहने वाले दिनेश सोनकर, सौरभ सिंह, बृृजकिशोर व बृजेश मिश्र की शिकायत पर एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुुआ। अमर उजाला ने 25 जनवरी के अंक में तालाब-चरागाह की जमीन पहले की प्लाटिंग और फिर दिया बेच शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो राजस्व विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार अमिता यादव ने टीम के साथ रामपुर गांव पहुंचकर पूरे मामले की जांच दोबारा की। साथ ही लोगों के बयान दर्ज किए और जानने का प्रयास किया कि किन-किन लोगों का सरकारी जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग करने का हाथ है। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित का कहना है कि हर बिंदु पर जांच कराई जा रही है। मामले में पूर्व प्रधान लक्ष्मीकांत, लेखपाल समेत अन्य दोषियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।