बाराबंकी। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्टिंग की जिम्मेदारी अब निजी एजेंसी को सौंप दी गई है। आवेदकों को टेस्ट देने के लिए ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर (एडीटीसी) जाना पड़ेगा। यहां टेस्टिंग का काम निजी एजेंसी करेगी। इसकी रिपोर्ट पर एआरटीओ की मंजूरी के बाद लाइसेंस जारी होगा।
वाहनों के फिटनेस के बाद अब स्थायी डीएल भी निजी एजेंसी के हवाले हो गया है। नई व्यवस्था से डीएल टेस्टिंग में एआरटीओ की दखलंदाजी काफी हद तक कम हो जाएगी। जहांगीराबाद रोड पर सूतमिल तिराहा के पास ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर खोला गया है। स्थायी डीएल के लिए बायोमीट्रिक जांच, हस्ताक्षर के करने के लिए आवेदकों को गोकुल नगर स्थित एआरटीओ दफ्तर आना पड़ेगा। इसके बाद आवेदकों को जहांगीराबाद रोड पर सूतमिल तिराहा के पास स्थित निजी एजेंसी शशि इंटरप्राइजेज जाना होगा। प्राइवेट संचालक भी इसका वीडियो बनाएंगे। यहां टेस्ट और एआरटीओ की संस्तुति के बाद लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों ने एडीटीसी का लिया जायजा : सोमवार को एआरटीओ दफ्तर पहुंचे उप परिवहन आयुक्त राजकुमार सिंह ने उपस्थिति रजिस्टर, स्टाफ की स्थिति, पत्रावली एवं उसका रख-रखाव, कार्यालय की साफ-सफाई, पत्रावली, मुख्य कैश बुक का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए।