रायबरेली। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद पुराने मीटर जमा नहीं करने और नया केबल नहीं लगाने के मामले को अधीक्षण अभियंता ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि जहां मीटर लगाए गए, वहां जांच कराई जाए। यदि स्मार्ट मीटर के साथ नया केबल नहीं लगाया जा रहा है तो इसकी रिपोर्ट दें। लापरवाही पर भुगतान से कटौती की जाएगी।
जिले में पांच लाख उपभोक्ताओं के यहां पहले से लगे इलेक्ट्राॅनिक मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अब 40 हजार मीटर लग चुके हैं। कार्यदायी एजेंसी ने आठ हजार पुराने इलेक्ट्राॅनिक मीटर अब तक टेस्ट डिवीजन में नहीं जमा किए। इससे उपभोक्ताओं के बिल नहीं बन पा रहे हैं। इसके साथ ही कार्यदायी एजेंसी स्मार्ट मीटरों के साथ आर्मर्ड केबल लगाने में कोताही बरत रही है।
अमर उजाला ने नौ जून को स्मार्ट मीटर लगे, पुराने जमा नहीं हुए... कैसे बनेगा बिल व 10 जून को पुरानी केबल पर लगा दिए स्मार्ट मीटर शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर छपने के बाद अफसर हरकत में आए। अधीक्षण अभियंता नेकी राम ने बताया कि कार्यदायी एजेंसी की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्मार्ट मीटर लगाने के साथ अब तक आठ हजार मीटर क्यों टेस्ट डिवीजन में जमा नहीं हुए, इसका जवाब मांगा गया है। स्मार्ट मीटरों के साथ नया केबल लगाया जाना है। सभी अधिशासी अभियंताओं से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही मिलने पर भुगतान से कटौती होगी।