रायबरेली। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। करीब दो साल से धूल खा रहे 10 वेंटिलेटरों को जिला अस्पताल में इंस्टाल करने का काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि दो-तीन दिन में मरीजों को भर्ती किया जाएगा। अब तक जिले के एम्स के एल-3 और रेल कोच के एल-2 अस्पताल में 10-10 वेंटीलेटर काम कर रहे हैं। एक निजी अस्पताल में भी चार वेंटीलेटर की सुविधा मरीजों को मिल रही है। जिला अस्पताल में यह सुविधा मिलने के बाद गंभीर मरीजों को बेहद सहूलियतें मिलेंगी।
जिला अस्पताल में 10 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए भवन जुलाई 2018 में बनकर तैयार हो गया था। वेंटीलेटर भी मरीजों के इलाज के लिए कॉर्पोरेशन से यहां आ गए थे। करीब दो साल बीत जाने के बाद भी वेंटीलेटर ने काम करना शुरू नहीं किया। वेंटीलेटर वैसे के वैसे रखे हुए थे। कोरोना के संक्रमित व गंभीर मरीजों के इलाज के वेंटीलेटर की जरूरत थी, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन वेंटीलेटरों को एक्टिव नहीं करवा रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अमर उजाला ने बीती 21 अप्रैल के अंक में माई सिटी में यहां धूल खा हे 10 वेंटीलेटर शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की कलई खुलने के बाद जिला प्रशासन गंभीर हो गया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन को तत्काल वेंटीलेटर इंस्टाल कराने के आदेश दिए, जिसके बाद काम शुरू हो गया। सभी 10 वेंटीलेटरों को लगाने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि दो से तीन दिन में मरीजों को जिला अस्पताल में ही वेंटीलेटर की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा रेल कोच के एल-2 अस्पताल में 10 और एम्स के एल-3 अस्पताल में भी 10 वेंटीलेटर काम रहे हैं। एक निजी अस्पताल में भी चार वेंटीलेटर काम कर रहे हैं। अब संख्या बढ़ने से ज्यादा मरीजों को यह सुविधा जिले स्तर पर मिल सकेगी।
जिला अस्पताल में दो साल से रखे थे वेंटीलेटर
जिला अस्पताल में मंगवाए गए वेंटीलेटर पिछले दो साल से रखे हुए थे। डीएम के गंभीर होने के बाद अब आईसीयू में इंस्टाल कराए जा रहे प्रति वेंटिलेटर की कीमत 10 से 15 लाख रुपये है। हालांकि वेंटीलेटर सीधे कॉर्पोरेशन से यहां आने के बाद लापरवाही के कारण लगाए नहीं गए थे। टेक्नीशियन व डॉक्टर की भर्ती भी हुई थी, लेकिन काम शुरू न होने पर वे भी दूसरी जगह चले गए थे। वेंटीलेटर के काम करने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए आए वेंटीलेटर इंस्टाल करवाए जा रहे हैं। दो से तीन दिन में सभी 10 वेंटीलेटर का करना शुरू कर देंगे। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
-डॉ. बीरबल, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल