सरेनी (रायबरेली)। क्षेत्र में शनिवार शाम टीवी कारीगर की मौत के मामले में सोमवार को भी परिजनों का आक्रोश कम नहीं हुआ। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। एएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। मामले में छह लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग आई है।
सरेनी बाजार निवासी धुनारी उर्फ राजेश कुमार प्रजापति (42) के बेटे करण प्रजापति को मौनी मोहल्ला के अतुल तिवारी की हत्या के आरोप में पुलिस ने गत आठ अप्रैल को जेल भेज दिया था। बेटे के जेल जाने से धुनारी दुखी थे और शनिवार शाम करीब चार बजे उनका शव फंदे से लटकता मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे खुदकुशी बता रही थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन परिजनों ने धुनारी को मारकर लटका दिए जाने का आरोप लगाते हुए रविवार शाम शव रखकर सरेनी-लालगंज मार्ग जाम कर दिया था।
उस समय पूर्व विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के समझाने पर मान गए थे, लेकिन सोमवार सुबह फिर आक्रोशित हो उठे और शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। सूचना पर एसडीएम मिथिलेश त्रिपाठी, सीओ अनिल सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर 12 बजे एएसपी संजीव कुमार सिन्हा आए और उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में आरोपियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
साथ ही पीड़ितों की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। परिजनों ने एएसपी को ज्ञापन भी सौंपा। इसके बाद परिजन शांत हुए और गेगासो गंगाघाट पर कारीगर के शव का अंतिम संस्कार किया। देर रात मामले में सरेनी बाजार निवासी मृतक अतुल के पिता राजेंद्र तिवारी, बहन वेदिका पांडेय उर्फ रंगौली, सतवाखेड़ा निवासी रिश्तेदार प्रभात मिश्रा, आदित्या मिश्रा व अन्य पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। यह एफआईआर धुनारी की पत्नी श्यामा देवी की तहरीर पर दर्ज की गई। थाना प्रभारी शिवाकांत पांडेय का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है।
सिर में चोट लगने से हुई थी अतुल की मौत
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के मुताबिक सरेनी बाजार निवासी अतुल तिवारी की मौत सिर में चोट लगने से हुई थी। मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराया गया था। तीन आरोपियों को जेल भेजा गया है। एक आरोपी ने स्टे ले लिया है।
निष्पक्ष होगी जांच, जातिवाद भड़काने वाले किए जा रहे चिह्नित
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, धुनारी की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। मामले में किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। जातिवाद को भड़काने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।