रायबरेली। जिले में 12 दिसंबर से राशन के साथ दाल, तेल और नमक वितरण के लिए ब्लॉक के गोदामों से कोटे की दुकानों पर सामग्री पहुंचनी शुरू हो गई है।
ऑयल और नमक तो पर्याप्त मात्रा में आ चुका है, लेकिन 4306 क्विंटल चना आना बाकी है। अब तक 1266 क्विंटल चना ही जिले को मिल सका है।
अधिकारियों का दावा है कि वितरण से पहले लक्ष्य के सापेक्ष चना जिले को मिल जाएगा। गरीबों को मुफ्त राशन के साथ अन्य खाद्य सामग्री पाने में किसी भी स्तर पर किसी को परेशानी नहीं होगी।
जिले में 5.57 लाख कार्डधारकों में इस बार दाल, तेल और नमक का भी वितरण होना है। वितरण की तारीख 12 दिसंबर से तय की गई है। जिलेभर में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरण शुरू कराया जाना है।
दिसंबर में जिले में 5572.13 क्विंटल चना, 5572.13 क्विंटल नमक और 5,57,213 लीटर रिफाइंड ऑयल गरीबों में बांटने का लक्ष्य रखा गया है।
इस लक्ष्य की तुलना में शुक्रवार तक 5,56,655 लीटर रिफाइंड ऑयल मिल चुका है। 558 लीटर रिफाइंड ऑयल मिलना बाकी है। 1266 क्विंटल चना मिल चुका है। 4306.13 क्विंटल चना आना बाकी है। वहीं 5254.81 क्विंटल नमक मिल चुका है। 317.32 क्विंटल नमक आना बाकी है।
समय से वितरण का काम शुरू कराने के लिए तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। शुक्रवार से गोदामों से कोटे की दुकानों पर राशन के साथ ही अन्य खाद्य सामग्री पहुंचनी शुरू हो गई है।
अमावां ब्लॉक को 224 क्विंटल, खीरों को 341 क्विंटल, बछरावां को 341 क्विंटल व सलोन को 339 क्विंटल चना मिला है, इसलिए इन्हीं ब्लॉकों के कोटेदारों को ही ऑयल और नमक के साथ चना भी दिया जा रहा है।
शेष ब्लॉकों में आने के बाद कोटेदारों को चना उपलब्ध कराया जाएगा। दुकानों पर वितरण के लिए पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है। इन्हीं की मौजूदगी में वितरण कराया जाएगा।
इन ब्लॉकों को अब तक नहीं मिला चना
ब्लॉक अवशेष चना (क्विंटल में)
ऊंचाहार 412
छतोह 229
जगतपुर 166
डलमऊ 394
डीह 276
गौरा 206
महराजगंज 279
शहर 275
राही 371
लालगंज 367
शिवगढ़ 235
सतांव 329
सरेनी 367
सलोन 127
हरचंदपुर 265
कुल 4306
जिले में राशन के साथ ही रिफाइंड ऑयल, नमक और चना का वितरण 12 दिसंबर से होगा। इसके लिए ऑयल और नमक पर्याप्त मात्रा में आ चुका है। चना कम मात्रा में आया है। उच्चाधिकारियों से बात की गई है। वितरण से पहले चना भी आने की उम्मीद है। वितरण के लिए पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।
विमल शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी