आरडीए ने बुधवार को अभियान चलाकर मोटल तिराहा के निकट स्थित वाहन व्यवसायी की निर्माणाधीन तीसरी मंजिल को सील कर दिया है।
इस दौरान कर्मचारियों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस बल होने के कारण उनकी एक नहीं चली। रायबरेली विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में अवैध निर्माण को लेकर लगातार कार्रवाई चल रही है।
बुधवार दोपहर आरडीए एई एम अहमद की अगुवाई में जेई एसके दीक्षित, रबीश अग्रवाल व एमके शर्मा ने पुलिस बल के साथ मोटल तिराहा निकट स्थित निर्माण स्थल पर पहुंचे।
यहां पर अधिकारियों ने बिल्डिंग सील करनी शुरू की, तो कुछ लोगों ने विरोध किया। इस पर एई एम अहमद ने कागजात पूरा नहीं होने और पहले नोटिस जारी होने की बात कही।
साथ ही दस्तावेज भी मांगे। संबंधित लोगों की ओर से कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाने पर बिल्डिंग को सील कर दिया। वाहन व्यवसायी हरिहर सिंह का कहना है कि आरडीए अफसर बेवजह परेशान कर रहे है।
बिल्डिंग का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन भी किया है। आरडीए दफ्तर में शुल्क भी जमा कर दिया है। इसके बावजूद क्यों परेशान कर रहे हैं, समझ में नहीं आ रही है। अभी बाहर हूं। लौटकर आने पर मामले को दिखवाएंगे।
एक्सईएन आरडीए एसके सिन्हा ने बताया कि संबंधित बिल्डिंग के लिए आवासीय नक्शे का आवेदन हुआ है। वर्तमान में इसका उपयोग कामर्शियल हो रहा है।
ऐसी स्थिति में नक्शा कामर्शियल का स्वीकृत होगा। इस बाबत भवन स्वामी को पत्र भेजा गया था। इसके बाद भी कामर्शियल नक्शे के लिए आवेदन नहीं किया गया।