घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना उस समय हुई, जब सभी कोठरी के अंदर सो रहे थे। तहसील प्रशासन के अधिकारी और पुलिस ने जांच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पैठाना मजरे खैरहना गांव निवासी हरी प्रसाद मजदूरी करता है। रात में कच्ची कोठरी के नीचे हरी प्रसाद और उसका परिवार सो रहा था। देर रात अचानक कच्ची कोठरी भरभराकर ढह गई।
इससे मलबे में हरी प्रसाद और उसकी पत्नी श्यामा देवी (32) और बेटा लवकुश (13), अंकुश (8) और बहन बिटाना दब गई। घटना की जानकारी होने पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला।
सभी को गंभीर हालत में आनन-फानन सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने श्यामा देवी, लवकुश व अंकुश को मृत घोषित कर दिया। बिटाना की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
तिलोई एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी, सीओ मधुबन कुमार सिंह और थानेदार एपी तिवारी ने मौके पर पहुंच घटना की जानकारी ली और जांच की।
एसडीएम तिलोई सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि कोठरी कच्ची थी, जिसके चलते हादसा हुआ है। इसमें एक महिला और उसके दो बेटों की मौत हुई है। पीएम के बाद पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।