खीरों के हिमांशु को लखनऊ में भी मिल रहा राशन
जिले के खीरों ब्लॉक के बरौला गांव के हिमांशु का नाम राशन कार्ड संख्या 215840673368 में दर्ज है। इसके अलावा हिमांशु का नाम लखनऊ के आलमबाग में राशन कार्ड संख्या 115740863273 में भी अंकित है। हिमांशु को दोनों जिलों में पात्र गृहस्थी में राशन मिल रहा है।
केस दो-
बेटी शाहिना प्रतापगढ़ में बहू, डबल लाभ ले रहीं
नगर पंचायत सलोन की रहने वाली शाहिना प्रतापगढ़ जिले के संागीपुर पथरिया गांव की बहू हैं। सलोन में राशन कार्ड संख्या 115840101609 और प्रतापगढ़ के सांगीपुर पथरिया में राशन कार्ड संख्या 217320367915 में नाम दर्ज होने के कारण दोनों जिलों में पात्र गृहस्थी का लाभ उसे मिल रहा है।
केस तीन-
सरेनी की बेटी उन्नाव में भी ले रही राशन
सरेनी ब्लॉक के सरायखांडे गांव की अरुणा देवी का नाम राशन कार्ड संख्या 215840689448 में दर्ज है। अरुणा का नाम उन्नाव जिले के बीघापुर के राशन कार्ड संख्या 215640684082 में भी दर्ज है। इस वजह से उसे दोनों जिलों में पात्र गृहस्थी का राशन मिल रहा है।
रायबरेली। फर्जी राशन कार्ड के जरिए योजना का लाभ उठाने वाले ये चंद मामले सिर्फ बानगी भर हैं। जिले के छह हजार से अधिक गरीब लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, फर्रुखाबाद, अमेठी फतेहपुर आदि जिलों में भी पात्र गृहस्थी का राशन ले रहे हैं।
सभी यूनिटों में आधार नंबरों की फीडिंग का काम शुरू होने के बाद यह खेल पकड़ में आ गया है। शासन स्तर पर ऐसी 12,739 यूनिटों का मामला पकड़ में आने के बाद हड़कंप मच गया है।
शासन ने अलग-अलग जिलों से दो-दो बार राशन लेने वाले गरीबों के नाम सूची से उड़ाने के आदेश दिए हैं। जांच में गड़बड़झाला पकड़ में आने के बाद आपूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है।
संबंधित यूनिटों के राशन वितरण पर पाबंदी लगा दी गई है। जांच के दौरान एक जिले से नाम कटवाने के बाद ही राशन देने के आदेश दिए गए हैं। यहां यह बताते चलें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बने पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डों की यूनिटों में आधार की फीडिंग का काम चल रहा है। यह काम शुरू होने के बाद ही एक व्यक्ति द्वारा आधार का दूसरे जिले के राशन कार्डों में प्रयोग किए जाने की पोल खुल गई है।
हर माह करीब 22 लाख का लग रहा चूना
एक साथ दो-दो जिलों के राशन कार्डों में शामिल होकर छह हजार से अधिक गरीब हर महीने करीब 22 लाख रुपये की कीमत का अतिरिक्त राशन खा रहे हैं। एक यूनिट पर पांच किलोग्राम राशन हर महीने दिया जाता है। एक साथ दो-दो जिलों में शामिल होने के कारण 12739 यूनिटों में हर महीने करीब 32 हजार क्विंटल राशन दिया जा रहा है।
जिले के राशन कार्डों की यूनिटों में शामिल कुछ लोगों के आधार नंबरों का प्रयोग दूसरे जिले के राशन कार्डों में किया गया है। शासन से ऐसी यूनिटों को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
केएन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी