रायबरेली। जिले में सरेंडर किए गए राशन कार्डों की 17 हजार से अधिक यूनिटों को सर्वर से डिलीट कर दिया गया है। इन अपात्रों को अब इस माह राशन नहीं मिलेगा।
यूनिटें डिलीट होने के बाद विभाग का करीब 170 क्विंटल राशन इस महीने बचेगा, क्योंकि माह भर में दो बार में पांच-पांच किलो के हिसाब से प्रति यूनिट 10 किलो मुफ्त राशन दिया जाता है।
जिले में अधिकारी, कर्मचारी से लेकर शिक्षक और व्यवसायी भी गरीबों का मुफ्त राशन डकार रहे थे। मई महीने में जिले में करीब पांच हजार अपात्रों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए।
इसमें कई अधिकारी और कर्मचारी के साथ ही करीब दो हजार शिक्षक भी शामिल रहे। प्रधान, व्यवसायी व अन्य बड़े लोग भी राशन कार्ड बनवाकर गरीबों के हक पर डाका डाल रहे थे। लगातार ये अपात्र राशन ले रहे थे, लेकिन विभाग पर इन पर शिकंजा नहीं कस पा रहा था।
अब अपात्र कार्रवाई के डर से राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं। राशन कार्डों के सरेंडर होने के बाद 4410 राशन कार्डों की करीब 17 हजार यूनिटों को सर्वर से डिलीट कर दिया गया है।
सर्वर से अपात्रों की यूनिटें हटाए जाने के बाद अब अपात्रों को इसी महीने से राशन मिलना बंद हो गया है। अब तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पांच-पांच किलो राशन ये अपात्र भी डकार रहे थे।
हर माह प्रति यूनिट 10-10 किलो राशन लिया जा रहा था। सर्वर से यूनिट निरस्त किए जाने के बाद अपात्रों को राशन मिलना बंद हो गया है।
जिले में 4410 राशन कार्डों को सर्वर से हटा दिया गया है। इन राशन कार्डों में करीब 17 हजार यूनिटें जुड़ी थी। प्रति यूनिट हर माह 10-10 किलो राशन दिया जा रहा था। जिन अपात्रों के नाम सर्वर से हटा दिए गए हैं, उन्हें इस माह से राशन मिलना बंद कर दिया गया है।
विमल कुमार शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी