संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज। सेमरपहा में रामलीला की नींव 105 वर्ष पहले गांव के बाबू गया प्रसाद वाजपेयी ने रखी थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती आ रही है। पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दे रही है। 29 सितंबर से शुरू हो रही इस रामलीला को लेकर सेमरपहा व आसपास क्षेत्र के गांवों के लोगों में उत्साह है।
रामलीला का आरंभ मुकुट पूजा के साथ होता है। गांव के ही कलाकार भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित अन्य चरित्रों का मंचन करते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई माह पहले से कलाकार अपनी भूमिकाओं के लिए तैयारी करते हैं। दशहरे के दिन होने वाली भगवान राम की शोभा यात्रा पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहती है। रामलीला कमेटी के संरक्षक गोपाल कृष्ण वाजपेयी ने बताया कि आयोजन में गांव के सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोग रामलीला में सहयोग करते हैं।