रायबरेली। राजनीति विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान की ओर से सरदार भगत सिंह के साथ फांसी का फंदा चूमने वाले अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। रविवार को क्रांतिपुरी में हुए कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राम बहादुर वर्मा ने कहा कि राजगुरु वैचारिक रूप से समाजवादी थे। समाजवाद को भविष्य का रास्ता मानते थे।
डॉ. वर्मा ने कहा कि राजगुरु को समाजवाद के सिद्धांतों की गहन जानकारी नहीं थी। वे यह जानते थे कि पूंजीवादी समाज में श्रम करने वालों के पसीने की कमाई पूंजीपतियों के हाथों में चली जाती है। इसके विपरीत समाजवाद में न कोई अमीर होगा और न गरीब। कोई किसी का शोषण नहीं कर सकेगा। एक देश दूसरे देश को गुलाम बनाकर नहीं रख सकेंगे। इसीलिए वे समाजवादी विचारों के साथ थे और समाजवाद की स्थापना उनका अंतिम लक्ष्य था। हमें अमर शहीदों के साथ ही उनके सपनों को भी याद करना चाहिए।
संस्थान के महामंत्री डॉ. बृजकिशोर ने कहा कि लाला लाजपत राय की मौत के जिम्मेदार डिप्टी एसपी सांडर्स पर लाहौर के पुलिस केंद्रीय दफ्तर से निकलते समय पहली गोली राजगुरु ने चलाई थी। इसके बाद वह भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के साथ भाग गए थे। इस मौके पर रामदीन विश्वकर्मा, शरद चौधरी, रामनरेश वर्मा, डॉ. मनोज चौधरी, जितेंद्र पटेल, प्रभात चौधरी, राकेश कुमार, उत्कर्ष मौजूद रहे।