रायबरेली। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री का. शिवगोपाल मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री और रेल मंत्री निजीकरण न किए जाने की बात जरूर कह रहे हैं, लेकिन पुरजोर विरोध को देखते हुए दूसरे रास्तों से रेलवे में निजीकरण आ रहा है।
सरकारी उद्यमों को निजी क्षेत्र में ले जाने की नीति अपनाई जा रही है। ऐसा नहीं कि यह काम वर्तमान सरकार ही कर रही है। यूपीए में भी यही नीति अपनाई गई थी। इस मामले में दोनों ही सरकारें एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
श्री मिश्र शनिवार को रेलवे स्टेशन पर आयोजित नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) के कार्यकर्ता महासम्मेलन में भाग लेने आए थे। मीडिया से रूबरू श्री मिश्र ने कहा कि निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में एआईआरएफ तथा एनआरएमयू के आह्वान पर एक जुलाई को काला दिवस और 6 जुलाई तक विरोध दिवस आयोजित किए गए।
इसी क्रम में भारत सरकार ने अपनी मजदूर विरोधी नीति का परिचय देते हुए उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण तथा नई संचालित होने वाली रेलगाड़ियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की घोषणा कर दी, जिसे रेलकर्मियों ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। एआईआरएफ का कैडर इसका जमकर विरोध करेगा।
जरूरत पड़ने पर रेल का चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि भले ही रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि एआईआरएफ की सहमति के बिना रेलों में निजीकरण व निगमीकरण नहीं किया जाएगा, फिर भी टुकड़े-टुकड़े में भारतीय रेल को निजीकरण के रास्ते पर ले जाया जा रहा है।
हम वर्तमान कारखानों, इकाइयों, रेलवे का निजीकरण अथवा निगमीकरण नहीं होने देंगे। इस मौके पर केंद्रीय उपाध्यक्ष एसयू शाह, कोषाध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी महेंद्र श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, उपाध्यक्ष आरआर सिंह, आरके कनौजिया, मंत्री आरके पांडेय, युवा संयोजक सुधीर तिवारी, संजय श्रीवास्तव, रंजन सिंह आदि मौजूद रहे।
कार्यकर्ता महासम्मेलन में गूंजे कर्मचारियों के मुद्दे
नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन के कार्यकर्ता महासम्मेलन में कर्मचारियों की समस्याओं से जुड़े मुद्दे गूंजे। एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने भरोसा दिलाया कि निजीकरण, निगमीकरण, न्यू पेंशन स्कीम के साथ ही संरक्षा कोटि की रिक्तियों को भरने, रेल उन्नयन, रेल आवासों, रनिंग रूम, रेस्ट हाउस, गैंग हटों के सुधार समेत अन्य सभी मुद्दे हमारे लिए चुनौती हैं, जिनके लिए लड़ाई लड़ी जाती रहेगी।
एकजुटता बनाए रखें, सफलता जरूर मिलेगी। सम्मेलन में केंद्रीय और मंडलीय पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। महिला शक्ति को नेतृत्व देने के लिए आईटीएफ की पदाधिकारी प्रीति सिंह एवं जर्मन रेलवे यूनियन की यूरोपियन ट्रांसपोर्ट फेडरेशन की युवा चेयरपर्सन ऐना ने विचार व्यक्त किए।
शाखा अध्यक्ष जावेद मसूद एवं मंत्री देव कुमार ने सभी का स्वागत किया। सम्मेलन में रवि रंजन कुमार, राजू श्रीवास्तव, बीके यादव, अल्ताफ अहमद, अजय सिंह, डीडी शुक्ला, अयाजुद्दीन, शील कुमार सिंह, जीके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।