रायबरेली। कोरोना से बचाव के संबंध में कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान डीएम द्वारा सीएमओ को अपमानित करने के मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष की ओर से डीएम को क्लीन चिट दिए जाने के बाद सरकारी चिकित्सकों का गुस्सा फूट पड़ा है।
इस गुस्से की गाज रविवार को कार्यवाहक अध्यक्ष पर गिरी है। उनको तत्काल पद से हटाकर नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। एएनएमटीसी में बैठक करके सरकारी डॉक्टरों ने कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन को पद से हटाने का प्रस्ताव पास किया।
साथ ही डॉ. एमपी सोनकर को संघ का नया कार्यवाहक अध्यक्ष चुना। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने गत दिवस अपने आवास पर नोडल अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें लापरवाही पर सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा को फटकार लगाई थी।
इस पर सीएमओ ने न सिर्फ बैठक छोड़ दी थी, बल्कि स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजकर डीएम पर अपमानित किए जाने का आरोप लगाया था। यह पत्र वायरल होने से न सिर्फ प्रशासन, बल्कि स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था।
मामला शासन तक पहुंचा तो वहां के फरमान पर कलक्ट्रेट स्थित डीएम के कक्ष में स्वास्थ्य विभाग व अन्य अधिकारियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई। बैठक में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ ही कार्यवाहक जिलाध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन शामिल हुए थे।
इसी के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष ने पत्र जारी करके यह कहते हुए डीएम को क्लीन चिट दे दी थी कि जो अपशब्द कहे गए थे, वह गाली की श्रेणी में नहीं आता है। इस फैसले से गुस्साए कुछ सरकारी चिकित्सकों ने रविवार को सीएमओ कार्यालय स्थित एएनएमटीसी में बैठक करके कार्यवाहक अध्यक्ष के बयान की निंदा की।
साथ ही प्रस्ताव पास करके उन्हें संघ के अध्यक्ष के पद से हटा दिया। प्रस्ताव यह भी पास किया गया कि उनका बयान उनका व्यक्तिगत था। उससे संघ का कोई लेना देना नहीं है। इसलिए उस निर्णय की घोर निंदा की जाती है।
डॉ. मनोज शुक्ला ने डॉ. एलपी सोनकर को संघ का नया कार्यवाहक अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा, जिसको सभी ने पास कर दिया। बैठक में डॉ. राजेश गौतम, डॉ. वीके सिंह चौहान, डॉ. राधा कृष्ण, डॉ. मनोज शुक्ला, डॉ. संजीव शुक्ला, डॉ. अमल पटेल, डॉ. अरविंद पांडेय व डॉ. एके जैसल आदि चिकित्सक मौजूद रहे।
जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट और प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रहे डॉ. अल्ताफ हुसैन ने रविवार को संघ में हुए बदलाव का स्वागत किया और कहा कि डेढ़ साल से संघ का चुनाव नहीं हुुआ था। इस वजह से कार्यवाहक पद देख रहा था।
काम अधिक होने के कारण वह संघ को ज्यादा समय नहीं दे पा रहे था। इसलिए मैं पहले ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का मन बना चुका था। नए कार्यवाहक अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि संघ में हमेशा नौजवानों को मौका मिलना चाहिए।