फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रायबरेली: छात्रावास में छात्र के साथ मारपीट में चार छात्रों को पांच-पांच साल की सजा, 23-23 हजार का जुर्माना

Tue, 22 Sep 2026 08:49 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

आरोपी छात्रों ने पीड़ित का गला दबोचा और मुंह दबाकर पेट में मुक्कों से मारा था। मामले में संस्थान के अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की थी। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

न्यायालय एसीजे प्रथम/एसीजेएम की कोर्ट ने आठ साल पूर्व के राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान के छात्रावास में छात्र के साथ मारपीट करने पर राजस्थान, दिल्ली, इंदौर के चार छात्रों को दोषी मानते हुए पांच पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 23-23 हजार का अर्थदंड लगाया।

विज्ञापन


मकान नंबर 114, वार्ड- 25 फजलिका पंजाब निवासी दामन कुक्कड़ अमेठी के राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान के छात्रावास में प्रथम तल पर रहता था। वहीं, छात्र योगेश जांगिड़ निवासी वार्ड नंबर चार गांडाखेडा झुंझनू राजस्थान, पराग जांगिड़ निवासी नंदा नगर परदेशीपुरा इंदौर, नयन नागर निवासी काला कुआं अरावली विहार अलवर राजस्थान व शिव सिंधू निवासी जी 850, संगम विहार दक्षिण पूर्व दिल्ली भी संस्थान में पढ़ते थे। 
सभी छात्रावास के अलग अलग कमरों में रहते थे

16 जुलाई 2018 की रात योगेश सहित चारों साथियों ने रात में दामन का कमरा खुलवाकर कमरे में घुसकर उसे जमकर पीटा था। धमकी दी थी कि छात्रावास छोड़कर भाग जाओ। पीड़ित छात्र ने अपने पिता को फोन से सूचना दी। उधर, संस्थान के अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। पीड़ित को उसके अन्य साथी बलरामपुर अस्पताल ले गए जहां डाक्टर सुमेर सिंह ने इलाज किया।
विज्ञापन


मामले में दामन कुक्कड़ के पिता अंकुर कुक्कड़ की तहरीर पर थाना जायस में 19 जुलाई 2018 को चारों आरोपी छात्रों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना जायस थाने के उप निरीक्षक आबिद अली ने की थी। पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।

वहीं, मामले की सुनवाई मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तरुणिमा पांडेय ने की। पीड़ित ने कोर्ट में बताया कि आरोपी छात्रों ने गला दबोचा और मुंह दबाकर पेट में मुक्कों से मारा था। मामले में सात गवाह पेश किए गए। दोषी पाने पर न्यायालय ने चारों दोषी छात्रों को सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें