इससे आवागमन ठप हो गया। न तो वाहनों के हॉर्न और न ही लाठी-डंडे से कोई उन्हें भगा सका। राहगीरों को खूब दौड़ाया। वन विभाग की टीम ने पहुंच कर मरे बंदर को दफनाया तो जाकर बंदर सड़क से हटे।
सलोन ब्लॉक में सूची चौराहे के पास मंगलवार दोपहर एक लोडर की टक्कर से एक बंदर की मौत हो गई। कुछ मिनटों में ही वहां पर सैकड़ों बंदर जमा हो गए। वाहन सवारों ने हॉर्न बजाया, लेकिन कोई बंदर नहीं हटे।
इलाकाई ग्रामीणों के साथ मिलकर लाठी और डंडे से उन्हें भगाने की कोशिश की, लेकिन उल्टा बंदरों ने उन्हें दौड़ा लिया। प्रत्यक्षदर्शी अशोक कुमार, सोनू सिंह, हरभज आदि ने बताया करीब 20 मिनट तक बंदरों का झुंड बैठा रहा।
मानो साथी की मौत का दुख जता रहे हों। सूची चौराहे पर मौजूद पुलिस कर्मी पहुंचे तो बंदरों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। वन रक्षक संजय यादव ने पहुंच कर मृत बंदर के शव को हाईवे के पास ही दफनाया। इसके बाद झुंड वहां से गया।