बच्चा रोने लगता तो उसे पति या फिर अन्य परिवारीजनों को पकड़ा देती, पर वोट डालने के बाद ही बूथ छोड़ती। पहले चरण के मतदान का कुछ ऐसा ही नजारा पांच ब्लॉकों में दिखा।
सुबह सर्दी भी थी। पर वोटरों में गजब का उत्साह दिखा। पहले चरण में सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई। वोट डालने के लिए पहले से ही वोटर बूथों पर पहुंच गए।
यह हाल तब था, जब मतदान के दिन ही मौसम ने भी करवट बदल दी। हल्की सर्दी थी। पर किसी बूथ पर इसका असर नहीं दिखा। हालात ये थे कि वोटरों की कतारें नहीं टूट रही थी।
इसमें महिलाओं की तादाद अधिक दिखी। घूंघट डाले लाइन में खड़ी महिला वोटर मताधिकार का प्रयोग करने के बाद ही बूथों से बाहर जाती। कई ऐसे महिलाएं थी, जो बच्चों को गोदी में लेकर वोट डालने पहुंची।
हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के मतदान केंद्र शोरा में पुरुष, महिला वोटरों की लंबी-लंबी लाइनें लगी थी। बूथों के बाहर निकल रहे मतदाताओं गजब का उत्साह दिखा।
वोटर शांती, रामकुमारी और रूपेश, दिनेश का कहना था कि वोट का इस्तेमाल हर हाल में करना चाहिए। शिवगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के कुंभी में दो बूथ बनाए गए थे। यहां पर वोटरों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
वोटरों की लंबी-लंबी कतारें दर्शा रही थी कि हर कोई वोट के लिए कितना सजग है। सतांव ब्लॉक क्षेत्र के कोरिहर गांव के बूथ पर भी वोटरों का जज्जा किसी से कम नहीं था।
पहले वोट डालने के लिए वोटरों में होड़ सी रही। बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के तिलेंडा, थुलेंडी, नीमटीकर, पीठन में भी वोटरों ने मतदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।