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दूसरी लहर घातक फिर भी नहीं बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर

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बछरावां (रायबरेली)। कोरोना की दूसरी लहर पिछली लहर से घातक है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन ने संक्रमित मरीजों के लिए एक भी क्वारंटाइन सेंटर नहीं बनाया है।
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इस वजह से संक्रमित मरीज भी लापरवाह होते जा रहे हैं। वह घर पर होम क्वारंटीन के नियमों का पालन नहीं करते हैं। ऐसे में और लोग भी संक्रमित हो जाते हैं।
पिछले साल कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए दयानंद बछरावां पीजी कॉलेज, राजकीय आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय रैन, आरडीआरके इंटर कॉलेज बिशुनपुर, राजकीय आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय शेषपुर समोधा सहित कई क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे।
इन सेंटरों में संक्रमित मरीजों को 14 दिन तक रखा जाता था। संक्रमित मरीज के स्वस्थ होने पर उसे घर भेजा जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। स्थिति इतनी खराब होने के बावजूद अब तक क्षेत्र में कोई भी क्वारंटाइन सेंटर नहीं बनाया गया है।
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मध्यम वर्ग के लोगों को होती परेशानी
व्यापारी नेता शशिकांत मिश्रा व सुनील सागर ने कहा कि छोटे तबके और मध्यम वर्ग में संक्रमित मरीजों के सामने समस्या आ रही है। वे एक-एक कमरों के मकान में जीवनयापन करते हैं। क्वारंटाइन कहां और कैसे हो जाए।
सुविधाओं के अभाव में क्वारंटाइन मरीजों में मानसिक तनाव से जूझना पड़ रहा है। विकास पटेल, रमेश शुक्ला ने बताया कि ऐसी हालत में संक्रमित मरीज आम जनता के बीच घूमा करते हैं। इनकी बीमारी से अनभिज्ञ लोग इनके संपर्क में आते रहते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
आवश्यकता होने पर बनाया जाएगा क्वारंटीन सेंटर
कोरोना संक्रमित मरीजों को रखने के लिए जिले में एक क्वारंटीन सेंटर बना है। दूसरा महराजगंज तहसील में है। यदि जरूरत पड़ी तो बछरावां क्षेत्र में भी क्वारंटीन सेंटर बनाया जाएगा।
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-सविता यादव, एसडीएम महराजगंज
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