रायबरेली। जिले से होकर गुजरने वाली पंजाब मेल की लेटलतीफी इस कदर बढ़ गई कि ट्रेन को निरस्त करना पड़ा। हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल निरस्त होने के कारण सोमवार को नहीं आई। अमृतरस से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल भी निरस्त होने के कारण 31 दिसंबर को नहीं आएगी।
आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबन-सिमुलतला रेलखंड के मध्य मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिससे ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया। इसी कारण रविवार को हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल को दूसरे रास्ते से चलाना पड़ा। नतीजतन यह ट्रेन काफी लेट हो गई। यह ट्रेन रायबरेली में रविवार को दोपहर लगभग डेढ़ बजे आनी थी, लेकिन 13 घंटे से ज्यादा लेट होने के कारण रात दो बजे के बाद पहुंची।
लेटलतीफी के कारण ही सोमवार को आने वाली हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल निरस्त करनी पड़ी। जब यह गाड़ी इधर से नहीं गई तो वापसी में भी नहीं चलाई जाएगी। यानी अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल 31 दिसंबर को नहीं आएगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने बताया कि आसनसोल मंडल में मालगाड़ी डिरेल होने के कारण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़़ा है। इसी वजह से पंजाब मेल (अप-डाउन दोनों) को एक दिन के निरस्त किया गया है।
ऊंचाहार एक्सप्रेस की बिगड़ी समयसारिणी
रायबरेली। प्रयागराज और चंडीगढ़ दौड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन ऊंचाहार एक्सप्रेस की समय सारिणी एक पखवारे से बिगड़ी हुई है। यह ट्रेन इस जिले के ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज स्टेशनों से गुजरती है। लगातार लेटलतीफी बढ़ती जा रही है। इस ट्रेन की समयसारिणी को पटरी पर लाने के लिए एक-दो दिन के लिए निरस्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
लेटलतीफी की वजह से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि समय पर गंतव्य तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है। यह ट्रेन हर साल दिसंबर से फरवरी महीने तक कोहरे की वजह से निरस्त कर दी जाती थी। सोमवार को चंडीगढ़-प्रयागराज ऊंचाहार एक्सप्रेस पौने पांच घंटे देर से आई, वहीं रविवार की रात प्रयागराज-चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस पांच घंटे देर से गुजरी थी।
यातायात निरीक्षक बीएम वर्मा ने बताया कि ऊंचाहार एक्सप्रेस काफी महत्वपूर्ण ट्रेन है। यात्रियों की सुविधा के लिए ही इस साल ऊंचाहार एक्सप्रेस निरस्त नहीं हुई है। लेटलतीफी जरूर बढ़ी है, लेकिन समय सारिणी में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।