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स्वास्थ्य विभाग के 45 बाबू जबरन किए गए रिलीव, गुस्से में गेट पर धरने पर बैठे कर्मचारी

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रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग के गैर जनपद स्थानांतरित और समायोजित 45 बाबुओं को जबरन रिलीव कर दिया गया। रिलीविंग आर्डर लेने न पहुंचने पर आदेश सीएमओ कार्यालय के गेट पर चस्पा कर दिया गया।
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इससे गुस्साए कर्मचारियों ने गुरुवार को सीएमओ कार्यालय के गेट पर ही धरना दे दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरा नहीं होंगी, गैर जिलों में ज्वाइन करने नहीं जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के सभी बाबुओं का तीन से चार सौ किलोमीटर दूर तबादला कर दिया गया है। इससे बाबुओं का गुस्सा भड़का हुआ है। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण के अपर निदेशक ने सीएमओ को बाबुओं को कार्यमुक्त करके जवाब देने के आदेश दिए तो उन्होंने सभी बाबुओं को स्थानांतरित जिलों के लिए एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया। कोई भी बाबू रिलीविंग आर्डर लेने के लिए नहीं पहुंचा तो सीएमओ कार्यालय में डैश बोर्ड पर रिलीविंग आर्डर चस्पा करा दिया गया।
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गुरुवार को जबरन रिलीविंग की जानकारी मिलने पर बाबुओं का गुस्सा और भड़क गया। सीएमओ कार्यालय में प्रवेश न करके सभी बाबू गेट के बाहर मंदिर पर धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चौधरी और जिलामंत्री अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि 20 से 30 प्रतिशत बाबुओं के स्थानांतरण की व्यवस्था होने के बाद भी 90 प्रतिशत बाबुओं का तबादला करके परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महिला व दिव्यांग बाबुओं को भी तीन से चार सौ किलोमीटर दूर के जिलों में भेज दिया गया है। तीन से चार साल तक की नौकरी वाले बाबुओं को भी गैर जनपद भेज दिया गया है। जबरन बाबुओं को रिलीव किया गया है। धरने में वंदना त्रिपाठी, ज्ञानवती पांडेय, मुमताज फातिमा, रूपक श्रीवास्तव, शिवम शर्मा, फैसल जिया रउफ, मो. आदिल, अशोक कुमारी, उमाकांत मिश्रा, संजय कुमार आदि ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
गैर जिलों से नहीं आया कोई बाबू, काम पूरी तरह ठप
सीएमओ ने सभी बाबुओं को कार्यमुक्त तो कर दिया है लेकिन अब तक गैर जिलों से एक भी बाबू ज्वाइन करने के लिए नहीं आया है। हालांकि गुरुवार को रिलीविंग के बाद सीएमओ ने वेतन बिल बनवाने के लिए कुछ बाबुओं को बुलाया लेकिन बाबुओं ने वेतन बनाने से मना कर दिया। इससे जुलाई में स्वास्थ्य विभाग में किसी को भी वेतन मिलने की संभावना नहीं है। इसके अलावा अन्य जरूरी काम भी ठप हो गए हैं।
चिकित्सा एवं परिवार कल्याण के अपर निदेशक ने सभी बाबुओं को रिलीव करने के आदेश दिए हैं। सभी बाबुओं को रिलीव कर दिया गया है। गैर जिलों से कोई बाबू नहीं आया है। काम पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। वेतन बिल भी नहीं बन पाया है।
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-डॉ. खालिद रिजवान, प्रभारी सीएमओ
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