रायबरेली। सात सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा आयुष चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रखा।
प्रदेश में एस्मा लगाए जाने पर संविदा डॉक्टरों का गुस्सा भड़क गया है। सभी ने चेतावनी दी है कि सौतेला व उत्पीड़नात्मक व्यवहार किया गया तो सभी संविदा चिकित्सक सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।
जिले के सरकारी अस्पतालों के संविदा आयुष डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। आयुष डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि सरकार ने हम लोगों के सांकेतिक विरोध से डरकर एस्मा लागू कर दिया है, जो ठीक रवैया नहीं है।
कहा, हमारी एसोसिएशन इसकी कड़ी निंदा करती है। चेतावनी दी कि अगर सरकार का यही रवैया रहा तो सभी संविदा आयुष चिकित्सक अपनी सात सूत्री मांगे मनवाने के लिए सामूहिक रूप से इस्तीफा दे सकते हैं।
एस्मा लागू होने से प्रदेश के सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी के संगठनों में सरकार के प्रति आक्रोश का माहौल है। आज के सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल डॉ. पूनम गुप्ता, डॉ. अशोक सरोज, डॉ. मीना गुप्ता, डॉ. हीरालाल वर्मा, डॉ. सौरभ शर्मा व डॉ. अबू बकर आदि शामिल रहे।