रायबरेली। आम बजट के तहत विभागों के निजीकरण के विरोध में पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना देकर आवाज बुलंद की। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर हुए विरोध-प्रदर्शन में सभी संगठन के बैनर तले धरने पर बैठे। सभी ने कहा कि यदि निजीकरण का फैसला वापस नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूत होंगे।
संयुक्त संघर्ष समिति एवं राज्य विद्युत अभियंता संघष के जिला संयोजक सौरभ प्रजापति, घनश्याम, अखिलेश यादव, ओपी सिंह, वीरेंद्र अहिरवार एवं संहिता भारती ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी संशोधन विधेयक 2020 एवं विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए लाए जा रहे स्टैंडर्ड बिलिंग डॉक्यूमेंट को निरस्त किया जाए।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष कैलाश यादव, जिलाध्यक्ष मुकेश भारती, जिला सचिव जयप्रकाश ने कहा कि ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द किया जाए।
उत्तर प्रदेश बिजली मजदूर संगठन के स्वप्निल गुप्ता, मनोज कुमार मिश्रा, अनिरुद्ध, वंदना व स्मिता श्रीवास्तव ने कहा कि सभी ऊर्जा निगमों का एकीकृत कर उत्पादन, पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए केरल के एसईबी व हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी की तरह उत्तर प्रदेश में यूपीएसईबी कंपनी गठित किया जाए।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद संगठन के विनोद श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह, राजकुमार, नीरज पांडेय, अजय व राजू ने कहा कि सभी बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना वर्ष 2000 से लागू की जाए। युद्धवीर, एसपी यादव, सौरभ जायसवाल ने कहा कि नियमित पदों पर भर्ती की जाए। सभी रिक्त पद भरे जाए। हरि दीपक यादव, शंभूनाथ, संजय भारती, अमित भारती, जीशान अंसारी व लालमणि ने कहा कि सभी संवर्गों को तीन पदोन्नत पदों का समयबद्ध वेतनमान दिया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगति अजय और संचालन राजबहादुर ने किया।