डलमऊ के कोटिया चौराहे के पास जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने डलमऊ-जगतपुर रोड पर मेज व बांस-बल्ली रखकर आवागमन ठप कर दिया।
सूचना पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मामला हाथापाई तक पहुंचता, इससे पहले पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया।
फिर भी गुस्साए लोगों ने जेई को जमकर खरीखोटी सुनाई। दो दिन में समस्या के निस्तारण के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
डलमऊ-जगतपुर मार्ग पर कोटिया चौराहे के पास सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से घरों का पानी पूरे साल सड़क के गड्ढों में भरा रहता है।
इससे आए दिन कोई न कोई राहगीर गिरकर चुटहिल होता है। मंगलवार को इन गड्ढों में कुछ स्कूली छात्र गिर गए। इससे उनकी ड्रेस खराब हो गई। यही नहीं उन्हें चोटें भी आईं। यह देख लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
लोगों ने आसपास से बेंच और बांस-बल्ली लाकर रोड पर रखा और आवागमन ठप कर दिया। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। रोड जाम की सूचना पर कोतवाल एसपी उपाध्याय मौके पर पहुंचे।
लोगों से बातचीत की, लेकिन वे नहीं माने। ग्रामीण पीडब्ल्यूडी के अफसरों को बुलाने की मांग पर अड़े थे। जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी के जेई महातम यादव आ गए। जेई के आते ही ग्रामीण भड़क गए।
जेई और ग्रामीणों में पहले जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। लोगों में आक्रोश इस कदर था वे हाथापाई पर उतारू हो गए, लेकिन इसी बीच पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। बाद में जेई ने दो दिन में जलभराव से छुटकारा दिलाने की बात कही तो लोग शांत हुए।