रायबरेली। वाराणसी की घटना को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने कामकाज ठप कर दिया। वाराणसी पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि अधिवक्ताओं के साथ किसी तरह की मनमानी नहीं चलेगी। हड़ताल के कारण वादकारियों को तारीख लेकर लौटना पड़ा।
वकीलों की हड़ताल के कारण सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। वाराणसी की घटना पर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने हड़ताल का ऐलान किया था। दीवानी कचहरी के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सभी अधिवक्ताओं ने वाराणसी की घटना पर नाराजगी जताते हुए कचहरी परिसर में प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के महामंत्री योगेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि वाराणसी में अधिवक्ताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार पुलिस-प्रशासन ने किया गया, वह गलत है। अधिवक्ता समाज इसका तीखा विरोध करता है। अध्यक्ष राकेश तिवारी ने भी वाराणसी की घटना पर गहरी नाराजगी जताई। वरिष्ठ अधिवक्ता विकास त्रिपाठी का कहना है कि वाराणसी की घटना निंदनीय है। समाज की मदद के लिए अधिवक्ता हमेशा तत्पर रहता है। उसके साथ किसी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर सुरेंद्र तिवारी, अमित वर्मा, शुभम श्रीवास्तव, दिवाकर सिंह, अमित वाजपेयी, शुभम अवस्थी, पारितोष श्रीवास्तव, नरेंद्र क्रांतिकारी, आकाश मिश्रा, इसरार खान, संतोष शुक्ला, करुणेंद्र मौजूद रहे।
दीवानी कचहरी में आज से होगा काम
सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री योगेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि वाराणसी बार एसोसिएशन ने हड़ताल समाप्त कर दी है। उनकी मांगों को मान लिया गया है। ऐसे में मंगलवार को दीवानी कचहरी में कामकाज होगा। अधिवक्ताओं की हड़ताल नहीं रहेगी।