रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने सर्वोदय इंटर कॉलेज किलौली के प्रधानाचार्य राघवेंद्र त्रिवेदी और परीक्षा सहायक कोमल दीक्षित को डिबार कर दिया है। दोनों को तीन साल के लिए यूपी बोर्ड के समस्त पारिश्रमिक कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज के अपर सचिव कमलेश कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से विद्यालय के प्रबंध तंत्र को भी इसकी जानकारी दी गई है। वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित होने पर सर्वोदय इंटर कॉलेज किलौली के 76 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो गए थे।
ये सभी हाईस्कूल के परीक्षार्थी थे। इन परीक्षार्थियों के अंकपत्र में आंतरिक सतत मूल्यांकन एवं प्रोजेक्ट आधारित विषयों के 30 अंकों के सापेक्ष प्राप्तांकों के स्थान पर अनुपस्थित प्रदर्शित हो रहा था। ऑनलाइन मार्कशीट देखने पर सभी परीक्षार्थी परेशान हो गए थे।
मामला विभाग तक पहुंचने पर छानबीन शुरू की गई। जांच में पता चला कि विद्यालय स्तर पर तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसा हुआ था। अप्रैल में ही मामले में लिखापढ़ी की गई, जिसके बाद प्रभावित परीक्षार्थियों के अंकपत्र में सुधार हुआ और बच्चे उत्तीर्ण हुए।
पूरे प्रकरण में जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय टीम गठित की। डीआईओएस ने मई में जांच आख्या यूपी बोर्ड को भेजी। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने मई में ही आदेश जारी कर कार्रवाई प्रस्तावित की। अगस्त में हुई परीक्षा समिति की बैठक में कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
निर्णय के आधार पर अपर सचिव ने अब कार्रवाई का आदेश जारी करते हुए डीआईओएस को पत्र भेजा है। डीआईओएस ने बताया कि सर्वोदय इंटर कॉलेज किलौली के प्रधानाचार्य और परीक्षा सहायक को यूपी बोर्ड के समस्त पारिश्रमिक कार्यों से तीन वर्ष के लिए डिबार किया गया है।