रायबरेली। गांवों में नई सरकार के गठन के बाद भुगतान की झड़ी लग गई है। महज सात दिन में 64 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया है। विभाग का दावा है कि सामुदायिक शौचालयों की देखरेख कर रहे स्वयं सहायता समूहों को ही भुगतान किया जा रहा है। 1.69 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। इसी सप्ताह यह भुगतान भी हो जाएगा।
जिले की पंचायतों में नई सरकार के गठन के बाद ग्राम पंचायतों में राज्यवित्त, चौदहवें वित्त और 15वें वित्त से भुगतान शुरू हो गया है। जिले की 559 ग्राम पंचायतों में मात्र सात दिन में 2.98 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रयास किया गया है। इसमें 64 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है।
1.69 करोड़ रुपये का भुगतान इसी सप्ताह हो जाएगा। करीब 18 लाख रुपये का भुगतान किन्हीं कारणों ने रिजेक्ट कर दिया गया है। विभाग का दावा है कि पहले चरण में स्वयं सहायता समूहों के लंबित भुगतान को ही किया जा रहा है।
गांवों में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। कई महीने से समूहों को भुगतान नहीं मिल पाया था। इसीलिए समूहों को भुगतान कराया जा रहा है।
सात दिन में ग्राम पंचायतों में भुगतान की स्थिति
कार्यवाही संख्या
पेमेंट की प्रक्रिया करने वाले गांव 557
भुगतान के लिए केसों की संख्या 733
एप्रूव्ड भुगतान केसों की संख्या 168
रिजेक्ट केसों की संख्या 45
लंबित केसों की संख्या 520
भुगतान के लिए तय धनराशि 298.82 करोड़
भुगतान कर दिया गया 65.33 लाख
लंबित भुगतान 1.69 करोड़
रिजेक्ट भुगतान 18.09 लाख
सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव रखने वाले स्वयं सहायता समूहों के लंबित भुगतान को करवाया जा रहा है। 557 ग्राम पंचायतों में भुगतान की प्रक्रिया कराई गई है। शेष पंचायतों में भी काम चल रहा है। भुगतान पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।
राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ