खीरों फीडर में बुधवार को फॉल्ट आने की वजह से ऐसा हुआ। हालांकि देर रात ही उपभोक्ताओं ने इसकी सूचना पावर हाउस में दे दी थी, लेकिन जेई ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
नतीजा ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारी पड़ी। वहीं गुरुवार को भी देर रात तक बिजली नसीब नहीं हुई। खीरों उपकेंद्र को त्रिपुला स्थित 132 केवी पावर हाउस से बिजली सप्लाई की जाती है।
त्रिपुला से पहले खीरों और फिर खीरों से ही सेमरी उपकेंद्र को बिजली मुहैया कराई जाती है। बुधवार की दोपहर दो बजे बिजली गई थी। इसके बाद तेज हवा चलने के साथ हुई बारिश के चलते खीरों फीडर में फॉल्ट आ गई।
इससे रमुवापुर दुबई, खीरों, सेमरी, पाहो, भीतरगांव, अजीतपुर, महरानीगंज, देवली, मानपुर, दुमटहर, ऐंधी, अतरहर समेत 50 गांवों की आपूर्ति बाधित है। बिजली मिलने से करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
उपभोक्ता शिव शंकर पाल, राम बहादुर, हरि शंकर, गोविंद, राम मिलन, संजय ने बताया कि रोस्टर के मुताबिक रात 10 बजे बिजली आनी थी, लेकिन नहीं आई। पावर हाउस खीरों में इसकी जानकारी दी।
इसके बावजूद विभागीय अफसरों ने तेजी नहीं दिखाई। इसके कारण रात तो अंधेरे में बीती ही, दिन में भी उमस ने बेहाल कर दिया। समाचार लिखे जाने तक फॉल्ट ठीक नहीं हो पाया था।
उधर, जेई शैलेंद्र मौर्या का कहना है कि खीरों उपकेंद्र और त्रिपुला ट्रांसमिशन के बीच लाइन में फॉल्ट आई है। इसे खोजने के लिए कर्मचारियों की टीम लगी है। शीघ्र ही फॉल्ट ठीक करके आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।