रायबरेली-ऊंचाहार। आंधी और बारिश के कारण मंगलवार रात को जगतपुर और ऊंचाहार क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को झटका लग गया। जगतपुर में आंधी आने से फीडर ब्रेकडाउन हो गया। जमुनापुर और ऊंचाहार उपकेंद्रों की 33 केवीए लाइनों में खराबी आ गई। इससे 150 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जगतपुर में 12 घंटे और ऊंचाहार के 150 गांवों में दस घंटे तक बिजली गुल रही।
मंगलवार रात करीब 11 बजे अचानक तेज हवा के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। इसके चलते जगतपुर उपकेंद्र से जुड़े फीडर ब्रेकडाउन में चले गए। इस कारण 400 गांवों की बिजली गुल हो गई। हालांकि टाउन फीडर की आपूर्ति चालू रही। बुधवार सुबह आपूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत का कार्य शुरू किया गया, लेकिन इससे पहले 33 केवी लाइन में भी खराबी आ गई।
संविदा कर्मचारियों ने करीब 11 बजे 33 केवी लाइन की खराबी दूर की। इसके बाद अलग-अलग फीडरों की लाइनों की मरम्मत शुरू की गई। दोपहर करीब एक बजे सभी प्रभावित फीडरों की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अवर अभियंता चंद्रेश पटेल ने बताया कि आंधी और बारिश के कारण बिजली की लाइनें ब्रेकडाउन हो गई थीं। खराबी दूर कर सभी प्रभावित फीडरों की आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
ऊंचाहार में मंगलवार रात करीब 12 बजे बारिश और आंधी आने से जमुनापुर उपकेंद्र को डलमऊ ट्रांसमिशन से आने वाली 33 केवीए लाइन खराब हो गई। जबकि बाहरपुर गांव में बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। इससे जमुनापुर उपकेंद्र से जुड़े ईश्वरदासपुर, बाहरपुर, सरांयभान और गोकना समेत 50 गांवों की बिजली आपूर्ति गुल हो गई। ऊंचाहार उपकेंद्र को रग्घूपुर ट्रांसमिशन से आने वाली 33 केवीए लाइन में भी खराबी आई। इस कारण अलका, कंदरावां, कल्यानी और हरबंधनपुर सहित 100 गांवों की आपूर्ति बंद हो गई।
बिजली न होने से 150 गांवों में पीने के पानी की समस्या रही। लगभग दो लाख की आबादी परेशान रही। लाइनमैनों की टीम ने रात भर खराबी की खोजबीन की लेकिन फॉल्ट ढूंढ नहीं सके। बुधवार सुबह फॉल्ट को ढूंढा जा सका, इसके बाद मरम्मत का काम शुरू हुआ। बुधवार की सुबह 10 बजे बिजली की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकी।
अधिशासी अभियंता उमेश कुमार ने बताया कि 33 केवीए लाइनों में खराबी के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई है।