रायबरेली। जगतपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। शनिवार दोपहर बाद चार बजे उपकेंद्र में लगे 10 एमवीए ट्रांसफार्मर में खराबी आने से सात घंटे बिजली गुल रही। इससे लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। रात 11 बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
थुलरई फीडर की लंबाई अधिक होने से लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि बिजली उपकरण भी ठीक से काम नहीं करते हैं। उपकेंद्र से थुलराई, पारी, उमरी, कैनाल, झकरासी और टाउन फीडर से भटपुरवा , टीकर आगाचीपुर , सुल्तानपुर जनौली, मेलखा, अलावलपुर, मोती का पुरवा ,सराय श्रीबक्स, केवलपुर बरेथा, टिकठा मुसल्लेपुर, जलालपुर, चिचौली, पूरे महरानी, छीछेमऊ, कुसुमी समेत 300 गांवों को बिजली की आपूर्ति होती है।
दोपहर 10 एमबीए ट्रांसफार्मर में खराबी आने से गांवों की बिजली गुल हो गई। तकनीकी टीम ने किसी तरह इसे ठीक किया। रात करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। दीपेंद्र कुमार, संतोष कुमार, आशीष कुमार, जगन्नाथ, राम भवन, विनोद कुमार ने बताया कि कभी लाइन तो कभी उपकेंद्र के उपकरणों में खराबी के कारण बिजली गुल रहती है।
रेलवे क्रॉसिंग के कारण नहीं दौड़ा करंट
थुलरई फीडर को अलग करने के लिए नया फीडर बनाया गया है, लेकिन अब तक इसमें करंट नहीं दौड़ा है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। थुलरई फीडर की लंबाई अधिक होने के कारण लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। फॉल्ट खोजने में कर्मचारियों को परेशानी होती है। यदि नए फीडर से आपूर्ति शुरू करा दी जाए, तो लोगों को बिजली संकट से राहत मिल सकती है। दो साल पहले लाइन बना दी गई है, लेकिन रेलवे लाइन के पास अंडरग्राउंड केबल नहीं पड़ पाई है। इससे अब तक इस फीडर में करंट नहीं दौड़ा है।