रायबरेली। कठगर बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले करीब 25 गांवों में 18 घंटे से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे उमस भरी गर्मी में उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उपकेंद्र के जेई हों या फिर अन्य अधिकारी, बिजली समस्या को लेकर वह गंभीर नहीं हैं। कभी फॉल्ट के चलते बत्ती गुल रहती है तो कभी रोस्टर न होने से आपूर्ति बाधित कर दी जाती है।
यह हाल तब है, जब धान की रोपाई करने का काम चल रहा है। किसान धान की रोपाई करने के लिए खेत में पानी नहीं भर पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी है।
कठगर बिजली उपकेंद्र के तहत कठगर के अलावा साड़बरा, मनेहरू, खागीपुर सड़वा, सैदनपुर, पंडित का पुरवा समेत 25 से ज्यादा गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है।
शुक्रवार रात करीब 12 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शनिवार को 18 घंटे बीत गए, लेकिन बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी।
पंडित पुरवा गांव के उपभोक्ता व्यापारी प्रशांत त्रिपाठी, रज्जन त्रिवेदी, खागीपुर सड़वा के रहने वाले एवं स्टूूडियो संचालक वीरेंद्र त्रिवेदी, कॉपी-किताब व्यवसायी प्रमोद यादव का कहना है कि बिजली आपूर्ति के नाम पर बेतहाशा कटौती की जा रही है। घंटों बीतने के बाद बिजली आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई है।
आपूर्ति शुरू होने पर पावर इतना कम रहता है कि नलकूप तक नहीं चल पाते। इससे धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हो गया है। उमस भरी गर्मी में रात में सोना तक मुश्किल है।
सैदनपुर गांव के रहने वाले चंदन, राजीव त्रिवेेदी, गुड्डन शुक्ला, विकास त्रिवेदी, मो. वसीम, शकील अहमद, अनवरी बेगम कहती हैं कि बिजली कटौती से सोना मुश्किल है।
खासकर रात में बिजली न होने से दिक्कत होती है। उधर, कठगर बिजली उपकेंद्र मुकेश भारती का कहना है कि उपकेंद्र के पैनल में कुछ खराबी आ गई थी, जिसे ठीक करा दिया गया है। जल्द बिजली आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
एसी में आराम फरमा रहे अफसर, घंटों शहर में गुल रही बत्ती
देहात क्षेत्रों को छोड़िए शहर में बिजली आपूर्ति सिस्टम पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। हाल ये है कि चाहे फिर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी हों या फिर कर्मचारी। एसी में बैठकर आराम फरमा रहे हैं और शहरवासी बिजली कटौती से बेहाल हैं। खास बात ये है कि शिकायत करने पर विभागीय अधिकारी एक दूसरे से शिकायत करने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं।
पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है कि शहर क्षेत्र में भी बिजली कटौती से नागरिकों को उमस भरी गर्मी में परेशान होना पड़ा। शनिवार को शहर क्षेत्र के जेल रोड, इंदिरा नगर, आचार्य द्विवेदी नगर समेत अन्य मोहल्लों में दोपहर 12 बजे अचानक बिजली कटौती हो गई। होते करते शाम के छह बज गए, लेकिन आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
आचार्य द्विवेदी मोहल्ले के रहने वाले दिनेश कुमार, संतराम प्रजापति, नीलेश कुमार कहते हैं कि अधिकारियों की लापरवाही से ही बिजली आपूर्ति सिस्टम फेल हो गया। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता विवेक अग्रवाल को फोन करके बिजली कटौती का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनका कहना था कि बिजली उपकेंद्र के जेई से जानकारी की है कि नहीं। जेई से बात कर लें। हम भी दिखवाते हैं कि बिजली कटौती क्यों की गई है।