रायबरेली। ग्रामीण अंचलों के करीब पांच लाख उपभोक्ता बिजली की आवाजाही से परेशान हैं। किसी विद्युत उपकेंद्र के पैनल तो कहीं ब्रेकर खराब हैं। ठंड के मौसम में 18 के सापेक्ष महज 12 घंटे ही आपूर्ति मिल रही हैं। यह हाल सर्दियों में है तो गर्मियों के बारे में सोच कर ही उपभोक्ता परेशान हैं। विभाग लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रहा है। बृहस्पतिवार को सलोन, सूची, ऊंचाहार व जगतपुर की बत्ती कई घंटे गुल रही। जिससे लोग परेशान रहें।
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में करीब साढ़े पांच लाख उपभोक्ता हैं। इनको न तो भरपूर बिजली मिल रही है और न ही समस्याएं दूर हो रहीं हैं। आए दिन जर्जर तार टूटने से बत्ती गुल रहती है। अनुरक्षण के नाम पर लाखों का वारा न्यारा हो जाता है मगर हकीकत में कोई काम नहीं होता है।
गुरुवार को सलोन, सूची, रोहिनिया, जगतपुर क्षेत्र की कई घंटे बत्ती गुल रही। इससे उपभोक्ता बेहाल रहे। बिजली गुल होने से किसान सिंचाई के संकट से जूझे। खीरों, डीह, सेमरी, गदागंज, रोहनिया के पैनलों में गड़बड़ी होने के कारण आए दिन कोई न कोई समस्या बनी रहती है। यही हाल जर्जर तारों का है। पुराने विद्युत उपकेंद्र से निकले फीडर के तार जर्जर है। यही हाल 33 केवी लाइन का है। आए दिन ब्रेकडाउन बना रहता है।
राजस्व वसूली तक सीमित हैं अभियंता
जिले में बिजली आपूर्ति को लेकर कर्मचारी और उच्चाधिकारी गंभीर नहीं है। पूरा साल अभियंता राजस्व वसूली, मीटर बदलने, बिल संशोधन में लगे रहे। जिससे उपभोक्ताओं की समस्याएं दूर नहीं हो पाई। मामूली हवा चलने या बारिश होने से पूरा जिला अंधेरे में डूब जाता है।
उपभोक्ताओं को मिल रही भरपूर बिजली
शेड्यूल के हिसाब से उपभोक्ताओं को बिजली मिल रही है। यदि कहीं उपकरण बदलने लायक हैं तो इंस्टीमेट बनवाकर उनको बदलाया जाएगा। प्रयास है कि शेड्यूल के मुताबिक उपभोक्ताओं को बिजली दिलाई जाए।
- विकास कपूर, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन