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बिना ग्राउटिंग व गार्डिंग के करंट दौड़ाने की तैयारी, हो सकता बड़ा हादसा

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बिना ग्राउटिंग के खड़ा किया गया पोल। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। शहर में जैतूपुर के निकट अमृत योजना के तहत बनाए जा रहे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की लाइन के निर्माण में पावर कारपोरेशन के अभियंता व ठेकेदार ने हाईटेंशन लाइन खड़ी कर दी है, लेकिन पोल की ग्राउंटिंग नहीं कराई गई न ही कहीं पर गार्डिंग की गई।
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आधे-अधूरे कार्य पर ही करंट दौड़ाने की तैयारी चल रही है। यही हाल रहा तो किसी दिन भी बड़ा हादसा हो सकता है। पूरी लाइन में 62 पोल लगाए गए हैं। लाइन के निर्माण में 30 लाख रुपये खर्च होने हैं।
अमृत योजना के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को 550 केवीए का बिजली कनेक्शन देना है। इसके लिए शहर के गोरा बाजार स्थित विद्युत उपकेंद्र एक स्वतंत्र फीडर बनाया गया है। इसके तहत उपकेंद्र में नया पैनल लगाने और करीब ढाई किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन बनाई गई है।
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पावर कारपोरेशन के एक चहेते ठेकेदार को यह काम दिया गया है। बिना ग्राउटिंग के ही 62 खंभों की यह पूरी लाइन खड़ी कर दी। तार भी खींच दिया गया है। यह लाइन रायबरेली-परशदेपुर मार्ग पर गोराबाजार के पास क्रॉस करती है।
किनारे-किनारे पहले बनी लाइनों के पास से इस फीडर को निकाला गया है, लेकिन कहीं पर गार्डिंग नहीं कराई गई। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग निकले है। छोटे-बड़े वाहन भी निकलते हैं। यदि तार टूटा तो बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या होती है ग्राउंटिंग और गार्डिंग
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि एचटी लाइन के पोल में कम से कम पांच फिट गहरी सीमेंट, गट्टियों की ग्राउटिंग होनी चाहिए। ताकि खंभे झुके नहीं और जंग लगने से बच सके।
इसी तरह किसी मार्ग को क्रॉस कर रही लाइन के नीचे तार की गार्डिंग बनाई जाती है, ताकि कोई तार टूटकर गिरे तो सीधे जमीन पर न आए। उसी गार्डिंग पर रुक जाए। सेकेंड्रीवर्क डिवीजन लखनऊ के एसडीओ अरविंद कुमार झा ने इस बात की पुष्टि की है कि पोल की मजबूती के लिए ग्राउटिंग पोल लगाते समय ही होनी चाहिए। सुरक्षा को देखते हुए गार्डिंग भी बनाई जाती है।
मनमानी हुई तो नहीं की जाएगी हैंडओवर
लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। लाइन को ऊर्जीकृत करने से पहले पूरी बारीकियों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि लाइन में लापरवाही हुई तो कतई हैंडओवर नहीं किया जाएगा। इस्टीमेंट के हिसाब से पूरी लाइन का निर्माण हो। इसके लिए संबंधित अभियंताओं को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि मनमानी हुई तो भुगतान रोका जाएगा।
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-विकास कपूर, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन
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