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गांवों की सत्ता हथियाने को पहली बार सोशल मीडिया बनी सहारा

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रायबरेली। पंचायत चुनाव में इस बार गांवों की सत्ता को हथियाने के लिए सोशल मीडिया बड़ा सहारा बन गया है। गांवों में 300 से अधिक नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। पहले से ब्लॉकों में बने व्हाट्सएप ग्रुपों में भी संभावित दावेदारों की प्रचार सामग्री की पोस्ट बढ़ गई है। गुड मॉर्निंग से लेकर शाम तक खुद को सबसे अच्छा पेश करने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिले में 2015 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिले में ज्यादातर प्रत्याशी और उनके समर्थक सोशल मीडिया से बहुत अच्छी तरह से वाकिफ नहीं थे। पिछले पांच वर्षों में बढ़े सोशल मीडिया के क्रेज का लाभ इस बार पंचायत चुनाव में साफ नजर आ रहा है।
चौराहों और सड़कों के किनारे बैनर, पोस्टर और कटआउट कम नजर आ रहे हैं। इस बार दावेदारों ने चुनाव प्रचार का तरीका ही बदल दिया है। फेसबुक का तो कम प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से प्रचार सामग्री शेयर की जा रही है।
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अपनी पोस्ट में दूसरे भावी प्रत्याशियों की टांग भी खींचने से नहीं चूक रहे हैं। खुद को दूसरे संभावित प्रत्याशियों से अधिक काबिल व पहुंच वाला बता रहे हैं। विभिन्न पर्वों की बधाई भी दे रहे हैं। कुछ गांवों में तो पूर्व प्रधानों की कलई तक व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से गांव के लोगों तक पहुंचायी जा रही है। जिले में 300 से अधिक दावेदारों ने नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। प्रचार के लिए और ग्रुप बनाए जा रहे हैं।
व्हाट्सएप पर परोसी जा रही सामग्री पर खाकी की नजर
एक ओर जहां दावेदार चुनाव प्रचार में इस बार सोशल मीडिया का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं, वहीं ग्रुपों में आ रही पोस्ट पर पुलिस की नजर भी है। एसपी कार्यालय में इसके लिए साइबर सेल पहले ही गठित किया जा चुका है। सभी थानों की पुलिस को इस पर खास नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं भी सोशल मीडिया का दुरुपयोग पाया गया तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर इन बातों का नहीं रखा ध्यान तो खैर नहीं
सोशल मीडिया पर जाति और धर्म आधारित टिप्पणी किसी को लेकर भी न करें। अपना चुनाव प्रचार करें लेकिन उसकी आड़ में अन्य प्रत्याशी को लेकर कोई गलत बात न पोस्ट करें। सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाएं और भ्रामक सूचना न साझा करें। किसी भी प्रत्याशी की मान-प्रतिष्ठा को कलंकित करने वाली बात सोशल मीडिया पर न साझा करें। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए सोशल मीडिया पर किसी को भी किसी भी प्रकार का प्रलोभन न दें। कानून का पालन करें और सोशल मीडिया पर कोई कुछ भी गलत बात करता दिखे तो उसकी सूचना 112 नंबर या नजदीकी थाने की पुलिस को दें।
सोशल मीडिया पर आ रही पोस्ट की निगरानी कराई जा रही है। इसके लिए साइबर सेल गठित है। कोई भी सोशल मीडिया पर सामाजिक माहौल को खराब करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्लोक कुमार, पुलिस अधीक्षक
चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के खर्च पर नजर रखी जाएगी। खर्च पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन भी होगा। अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह काम शुरू होगा।
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आरके शुक्ला, सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)
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