फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

थुलरई गांव में दहशत का माहौल, पसरा सन्नाटा, पांच और गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के थुलरई गांव में पुलिस टीम पर हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत है। गांव में सन्नाटा पसरा है। लोग एक-दूसरे से बात करने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन

वहीं पुलिस ने रविवार को एक महिला समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इसमें गांव का कोटेदार रंजीत सिंह भी शामिल है। कोटेदार ने ही पुलिस टीम पर हमला करने के लिए शराब माफिया को उकसाया था। इसके बाद ही आरोपियों ने पुलिस टीम पर पथराव किया था।
जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के थुलरई गांव में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाई जाती है। शुक्रवार रात अवैध शराब बनाने वाले माफिया की धरपकड़ के लिए गांव पहुंची पुलिस टीम पर दबंगों ने पथराव कर दिया था।
विज्ञापन

माफिया ने पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया था। एसआई राजवीर सिंह, कांस्टेबल हरिशंकर वर्मा, कांस्टेबल जगदीश प्रसाद, कांस्टेबल दीपक कुमार व महिला कांस्टेबल राखी भटनागर ने तालाब में कूदकर और लोगों के घरों में छिपकर अपनी जान बचाई थी।
मामले में 18 लोग नामजद, जबकि 15-20 अज्ञात अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कोटेदार रंजीत सिंह, जियालाल पासी, श्रीमती, सुंदरा पासी, चंद्रकली को पुलिस शनिवार को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। कोतवाल अजीत कुमार विद्यार्थी ने बताया कि रविवार को पुलिस टीम पर हमला करने में शामिल देशराज, नीलू, रामसुमेर, राम अभिलाख, राज बहादुर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
संभल गई स्थिति नहीं घटना बन जाती एक धब्बा
हर रोज की तरह शुक्रवार को भी थुलरई गांव में चहल-पहल दिखती थी। लेकिन देर रात हुई घटना के बाद से चहल-पहल गायब है। शनिवार व रविवार को सड़कें और गलियां सूनी पड़ी थीं। लोग घरों में दुबके हैं। कोई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हैं।
कुछ ग्रामीण तो दबी जुबान हलका दरोगा और सिपाहियों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि शराब बनाई जा रही थी तो पहले क्यों कार्रवाई नहीं की गई। गांव में काफी समय से अवैध शराब की भट्टियां धधक रहीं थीं। ग्रामीणों की मानें तो दरोगा राजवीर अक्सर अपने काम के लिए चर्चित रहे हैं। घटनाओं को गंभीरता से न लेकर पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाने का काम करते हैं।
हलका दरोगा व सिपाही को अवैध शराब बनाए जाने की जानकारी होने के बाद भी वह कोतवाल को गुमराह करते रहे। कहा जा रहा है कि बिना कोई प्लानिंग के ही अवैध शराब माफियाओं को पकड़ने के लिए दरोगा अन्य सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। गनीमत रही कि स्थिति संभल गई, वरना यह घटना जिले की पुलिस के लिए एक धब्बा बन जाती। ग्रामीण दबी जुबान कहते हैं कि यहां की पुलिस ही अवैध शराब कारोबारियों से मिली हुई है, वरना इनकी इतनी जुर्रत नहीं कि ये लोग पुलिस पर हमला कर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें