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पुलिस का डरावना चेहरा : तिलक चढ़ाकर लौट रहे कार सवार युवकों को चौकी में बंद कर बेरहमी से पीटा, उधड़ आई चमड़ी

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रायबरेली। पुलिस का एक अमानवीय चेहरा सामने आया है। मंगलवार देर रात बहन का तिलक चढ़ाकर कार से घर लौट रहे पांच युवकों को सलोन कोतवाली क्षेत्र के सूची चौकी प्रभारी व सिपाहियों ने पकड़ लिया।
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चौकी के भीतर पांचों युवकों को डंडों से बुरी तरह पीटा। युवक पुलिस से रहम की भीख मांगते रहे लेकिन चौकी इंचार्ज का दिल नहीं पसीजा। पुलिस की पिटाई से युवकों के शरीर पर जख्म बन गए हैं।
बेल्ट से पिटाई के कारण चमड़ी तक उधड़ आई है। बुधवार को पीड़ितों का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। जिसने भी वीडियो देखा पुलिस को कोसे बिना नहीं रह सका। अब इस मामले में एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ सलोन को सौंपी।
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सलोन कोतवाली क्षेत्र के सिरसिरा गांव से विपिन तिवारी, विनय, राहुल, शिवाकांत, लवकुश आदि दोस्त राहुल की बहन का तिलक चढ़ाने कार से हरपुरहल्ला मजरे विंदागंज हीरालाल के यहां गए थे। तिलक चढ़ाकर ये सभी लौट रहे थे।
तभी रात करीब 11.30 बजे राजापुर जंगल के पास सूची चौकी इंचार्ज मृत्युंजय बहादुर सिंह ने चार हमराहियों के साथ सफेद कार से ओवरटेक कर गाड़ी रोक ली। पीड़ितों की मानें तो ये लोग सादी वर्दी में थे।
आरोप है कि जैसे ही युवक कार से बाहर निकले चौकी इंचार्ज व हमराहियों ने पिस्टल की बट से मारना शुरू कर दिया। इसी बीच डॉयल-112 की पीआरवी भी पहुंच गई।
पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मियों ने भी पिटाई की। इसके बाद चौकी प्रभारी पांचों युवकों को सूची चौकी लेकर आए। यहां भी बेल्ट, डंडे से पीटना शुरू कर दिया। सभी रहम की भीख मांगने लगे लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा।
पांचों युवकों की इतनी पिटाई की गई कि वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। पीड़ितों की मानें तो चौकी इंचार्ज समेत सभी पुलिस कर्मी नशे में धुत थे। डंडे व पट्टे से उनके सीने पर चढ़कर जमकर पिटाई की गई।
जब परिवार के लोग आए तो पीड़ितों ने चोट दिखानी शुरू की। मेडिकल के वक्त भारी पुलिस बल की वजह से युवक कुछ नहीं बोल पाए। बाद में युवकों ने अपने साथ हुई इस बर्बरता का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस आला अधिकारी सकते में आ गए। उधर, जब इस बारे में चौकी प्रभारी से उनके सीयूजी नंबर पर बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
पुलिस का दांव उस पर ही पड़ रहा उल्टा
उन्नाव जिले में अभी हाल में ही हिरासत में हुई मौत के बाद भी पुलिस सबक लेने को तैयार नहीं है। पुलिस का दावा है कि युवक नशे में धुत थे। पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसलिए उनको पकड़ा गया और धारा 151 में चालान किया गया।
सवाल उठता है कि जब युवकों ने पुलिस के साथ ज्यादती की तो उनके खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई। पुलिस को केस दर्ज करके उन्हें जेल भेजना चाहिए था। जिस तरह उनकी पिटाई की गई, वह पुलिस के अमानवीय चेहरे को ही दर्शाती है। पुलिस को सजा देने का अधिकार नहीं है। बताते हैं कि तैनाती के दौरान से ही चौकी प्रभारी का विवादों से नाता रहा है।
सलोन कोतवाल पर भी उठ रही अंगुली
सूची चौकी में पांच युवकों की निर्ममता से पिटाई की गई। रात भर हंगामा भी हुआ। बावजूद इसके सलोन कोतवाल पंकज त्रिपाठी ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
यहां तक कोतवाल और चौकी प्रभारी ने पुलिस अफसरों तक को गुमराह करने की कोशिश की। कोतवाल मामले को दबाने की कोशिश करते रहे। ऐसे में कोतवाल की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
पांचों युवक नशे में धुत थे। पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार करने पर उन सभी का धारा 151 में चालान किया गया था। बाद में पीड़ितों का वीडियो वायरल हुआ। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सलोन इंद्र बहादुर को सौंपी गई है।
जांच में मामला सही मिला तो चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिस कर्मियों के लिए कार्रवाई की जाएगी। नशे में युवक धुत थे और पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया था तो सलोन पुलिस को मामले में केस दर्ज कराना था। मामले में सलोन कोतवाल की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
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श्लोक कुमार, पुलिस अधीक्षक
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