सलोन (रायबरेली)। युवक की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि सलोन पुलिस ने चोरी के आरोप में चार युवकों को थर्ड डिग्री दी थी। पिटाई के बाद पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया था। जहां जेल में एक युवक को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया। आरोप है कि बेटे को चोरी के आरोप में जेल भेजने के 10 दिन बाद उसके पिता की सदमे में मौत हो गई।
बताते हैं कि 26 मई को उपनिरीक्षक और कस्बा इंचार्ज और बीट सिपाहियों ने आसपास हुई चोरी की घटनाओं के प्रकरण में कस्बे के पैगंबरपुर पश्चिमी निवासी युवक अनिकेत, मन्तोष, शिवम उर्फ देवा व आनंद शर्मा को हिरासत में लिया था। आरोप है कि चोरी की वारदात को कबूलने कराने के लिए सभी को थाने में पीटा गया। अनिकेत को थर्ड डिग्री दी गई। वहीं पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से 45 हजार नकद और चोरी के तमंचे की बरामदगी दिखाते हुए 28 मई को सभी को जेल भेज दिया, लेकिन जेल में अनिकेत की हालत बिगड़ने लगी।
पीड़ित युवक को पुलिस पहले जिला अस्पताल लेकर गई, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे एम्स में भर्ती कराया गया है। अनिकेत की मां सुखराना और बड़े भाई राजकुमार का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से युवक के पेट में गंभीर चोट आई। वहीं बेटे को देखने उसके पिता रामेश्वर एम्स गए थे। वापस लौटे तो वह बदहवास थे। मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। सीओ यादवेंद्र पाल ने बताया कि पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है। एक सप्ताह बाद युवक की हालत बिगड़ी थी। पुलिस का मामले से कोई लेना-देना नहीं है।