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पुलिस ने फरार बंदियों को दबोचा, भेजा जेल

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रायबरेली में बुधवार को जेल से भागे बंदियों के साथ पुलिस टीम। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिला कारागार की सुरक्षा सुरक्षा तोड़कर फरार हुए दो बंदियों को मंगलवार रात सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी के निर्देशन में सलोन और शिवगढ़ पुुलिस ने दबोच लिया। पुलिस के अनुसार पहले दोनों बंदी क्वारंटीन बैरक के प्रसाधन की ईंटें निकाल कर बाहर निकले थे और फिर पेड़ पर चढ़कर फरार हो गए थे। बंदियों को सलाखों के पीछे भेज खाकी ने राहत की सांस ली।
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पुलिस कार्यालय स्थित किरण हाल में एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सलोन कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर मजरे अतरथरिया निवासी रंजीत को दुष्कर्म के मामले में और शिवगढ़ थाना क्षेत्र के शेरगढ़ पड़रिया गांव निवासी शारदा प्रसाद को चोरी के मामले में इसी माह जेल भेजा गया था। दोनों जेल की क्वारंटीन बैरक में शिफ्ट किए गए थे। दोनों बंदी मंगलवार को गणना के दौरान क्वारंटीन बैरक में गायब मिले थे। जानकारी हुई थी कि दोनों बंदी जेल से फरार हो गए हैं। मामले में सदर कोतवाली में दोनों बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
एसपी ने बताया कि बंदियों की धरपकड़ के लिए सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी की अगुवाई में कई टीमें बंदियों की तलाश में जुटी थीं। सलोन कोतवाल पंकज त्रिपाठी ने पुलिस टीम के साथ गौबा बाजार से बंदी रंजीत और शिवगढ़ थानेदार धीरेंद्र यादव ने पुलिस टीम के साथ बहादुरपुर गांव स्थित नहर पुलिया के पास से बंदी शारदा प्रसाद को गिरफ्तार किया।
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एसपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने बताया कि दोनों प्रसाधन की ईंटें निकाल कर बैरक से बाहर निकले थे। इसके बाद पेड़ पर चढ़कर दीवारों से कूदकर फरार हो गए थे। रंजीत के खिलाफ दो और बंदी शारदा पर तीन आपराधिक केस दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि केस दर्ज कराने के बाद पुलिस टीमें बंदियों की खोजबीन कर रही थी। इनकी गिरफ्तारी के लिए दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। सलोन और शिवगढ़ पुलिस को इस इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा।
पुलिस भले ही इनामी बंदियों जिले की सीमा से पकड़े जाने का दावा कर रही है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस को चकमा देते हुए दोनों बंदी बाराबंकी जिले पहुंच गए थे। कहा जा रहा है कि यदि पुलिस इतनी सक्रिय न होती तो वह हाथ न लगते। दोनों की नेपाल भाग जाने की योजना थी। हालांकि एसपी इस बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि इनामी बंदियों को जिले की सीमा से ही गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।
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