रायबरेली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीशा ने दो साल पुराने मिलावटखोरी के मुकदमे में पेठा व्यवसायी को दोषी करार दिया है। न्यायालय उठने तक कारोबारी को कठघरे में खड़ा रहने की सजा देने के साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की धनराशि को जमा न करने पर पेठा कारोबारी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने वर्ष 2021 में लालगंज में हेमराज की दुकान से पेठा का नमूना भरा था। हेमराज पेठा बनाकर बेचने का काम करता था। जांच में पेठा में सेहत के लिए खतरनाक तत्व मिले थे। इस पर विभाग ने एसीजेएम कोर्ट में कारोबारी हेमराज के खिलाफ मुकदमा किया था।
मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पेठा कारोबारी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने न्यायालय उठने तक कारोबारी को कठघरे में खड़े रहने की सजा दी। इसके अलावा एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया।
14 साल पुराने मुकदमे में तीन कारोबारियों पर जुर्माना
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अनीशा ने 14 साल पुराने मिलावटखोरी के तीन मुकदमों में भी करोबारियों को सजा सुनाई है। एक कारोबारी पर एक हजार और दो कारोबारियों पर दो-दो हजार जुर्माना किया। तीनों को न्यायालय उठने तक कठघरे खड़े रहने की सजा दी गई। कोर्ट ने सलोन निवासी गया प्रसाद, सरेनी निवासी मुरलीधर चौरसिया और खीरों निवासी रविशंकर पर जुर्माना किया है।
कई मुकदमों में एसीजेएम कोर्ट से फैसला आया है। अन्य मुकदमों में अधिक से अधिक पैरवी करने के निर्देश खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। मुकदमों में कारोबारियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. सीआर प्रजापति, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए