रायबरेली-घुरवारा। बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। कटौती और फॉल्ट से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति अधिक खराब है। खासकर कटघर पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले रायपुर टप्पा हवेली, चौदहमील, बलीपुर, बहेरिया, सेमौरी और तेरुखा गांवों में रात के समय हो रही बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं।
उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की नींद और दिनचर्या दोनों को प्रभावित कर दिया है। ग्रामीण विकास चौधरी, हेमराज सिंह, अर्जुन, गुलाब सिंह,मनोज मिश्र और अवधेश ने बताया कि निर्धारित रोस्टिंग के अलावा भी बिजली की कटौती की जा रही है, जिससे रात में सुकून से सोना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें रात में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस समय खेतों में सिंचाई की अत्यधिक आवश्यकता है, लेकिन बिजली की कटौती के कारण समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे धान की फसल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और किसानों की चिंता बढ़ गई है। उपभोक्ताओं ने विभाग से जल्द ही समस्या का समाधान कर नियमित विद्युत आपूर्ति करने की मांग की है।
उपखंड अधिकारी संजय कौशल ने बताया कि सिंचाई के संसाधन एक साथ चलने के कारण ओवरलोडिंग की समस्या आ जाती है। इसके कारण बिजली की बार-बार ट्रिपिंग होती हैं। इसके निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।
...तो 400 मेगावाट पहुंचेगी बिजली की मांग
गर्मी और उमस के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बिजली उपकरण हांफने लगे हैं। लो वोल्टेज की समस्या के साथ फॉल्ट भी हो रहे हैं। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं का कहना है कि बारिश थमने की वजह से बिजली की मांग बढ़ी है। यदि बारिश न हुई, तो समस्या और बढ़ सकती है। मौजूदा समय में 380 मेगावाट के आसपास बिजली की मांग पहुंच चुकी है, जो जुलाई में रिकार्ड स्तर पर है। बारिश न हुई तो यह मांग 400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।