ये वाहन मुसाफिरों के लिए किसी यमदूत से कम नहीं हैं। हर दिन कहीं न कहीं सड़क हादसे में लोग जान गंवा रहे हैं, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
यातायात माह के तहत इक्का-दुक्का जगहों पर जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करके मामले की इतिश्री कर ली गई है। ओवरलोड वाहनों और ट्रिपलिंग पर कार्रवाई करने के लिए कोई अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है।
यही वजह है कि ओवरलोड ट्रक, टेम्पो, लोडर समेत अन्य वाहन सड़कों पर दौड़ाए जा रहे हैं। तय मानक से ज्यादा वाहनों पर सवारियां बैठाई जा रही हैं। यही नहीं ट्रिपलिंग भी धड़ल्ले से हो रही है।
लापरवाही के चलते चालक मनमाने तरीके से वाहन चला रहे हैं। एक पखवारे में 15 लोग सड़क हादसे में जान गंवाई है, जबकि 50 लोग घायल हुए हैं।
ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए 1 नवंबर से 7 नवंबर तक अभियान चलाया गया। इसमें ओवरलोड पाए जाने पर 40 ट्रकों को सीज किया जा चुका है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) अजय यादव ने कहा कि आगे भी जल्द अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। यातायात माह के तहत लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वह ठीक तरीके से गाड़ी चला सकें।