यूपी बोर्ड की तर्ज पर इस बार होने वाली परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षा के लिए तैयारियां जस की तस हैं। सिर्फ कॉपी व प्रश्नपत्रों के लिए ही बजट मिलने के कारण अन्य व्यवस्था नहीं हो सकी है। शनिवार को सभी 2500 स्कूलों में प्रश्नपत्र पहुंच गए हैं।
स्कूलों में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखवाया गया है। बीईओ, बीआरसी व एनपीआरसी को परीक्षा के दौरान केंद्राें पर भ्रमण करके नकल रोकने के आदेश दिए गए हैं। यह परीक्षा 14 मार्च से 21 मार्च के बीच होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने वार्षिक परीक्षा के लिए कभी भी बजट नहीं दिया। पहली बार कॉपियों व प्रश्नपत्रों के लिए विभाग की ओर से बजट मिला। प्रश्नपत्रों को डायट में रखा गया था। गत शुक्रवार को प्रश्नपत्र ब्लॉक पहुंच गए थे। शनिवार को प्रश्नपत्रों को सभी स्कूलों में पहुंचाया गया है।
इस बार परीक्षा में दो लाख 68 हजार बच्चे शामिल होंगे। स्कूलों में बच्चों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी होगी। कुर्सी मेज व बेंच की व्यवस्था नहीं की गई है। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए बीईओ, बीआरसी व एनपीआरसी को जिम्मेदारी दी गई है। ये सचल दस्ते स्कूलों का भ्रमण करके नकल को रोकेंगे। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी।
शासन ने इस बार परीक्षा कार्ड देने के लिए भी बजट की व्यवस्था कर दी है। प्रति कार्ड तीन रुपये के हिसाब से बजट दिया गया है। 31 मार्च को सभी स्कूलों में रिजल्ट का वितरण किया जाएगा। इससे पहले 21 मार्च तक परीक्षा कराने के लिए कॉपियों के मूल्यांकन के साथ ही 30 मार्च से पहले रिजल्ट कार्ड तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।
परीक्षा में शामिल हों या नहीं कक्षा आठ तक के सभी बच्चों को वार्षिक परीक्षा में पास करना ही होगा। हालांकि इस बात को लेकर शिक्षकों आशुतोष पांडेय, डॉ. संजय सिंह, मनोज कुमार साहू, दिनेश सिंह का मानना है कि इस व्यवस्था से बच्चों में आगे आने वाली परीक्षाओं के लिए सीख मिलेगी। वे परीक्षा के महत्व को समझेंगे।
बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने कहा कि परीक्षा की तैयारियां पूरी करा दी गई हैं। प्रश्नपत्र भी सभी स्कूलों में पहुंचाए गए हैं। हेडमास्टरों को समय से परीक्षा कराने के लिए निर्देशित किया गया है। बीईओ, बीआरसी व एनपीआरसी को परीक्षा पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा 14 मार्च से शुरू होगी।