हरचंदपुर (रायबरेली)। इस बार युवा हाथों में हरचंदपुर ब्लॉक की कुर्सी होगी। 29 वर्षीय विधि स्नातक तथा विरासत में मिले राजनीतिक कौशल की बदौलत पीयूष प्रताप सिंह ने चुनाव में जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीतने वाले पीयूष प्रताप सिंह एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह के छोटे बेटे हैं।
पीयूष ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में 70 में से 51 वोट हासिल कर विपक्षियों को करारा जवाब देकर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की है। खास बात ये है कि पहली बार कोई चुनाव लड़ा और उसमें जीत हासिल की।
पीयूष के पास स्नातक के साथ वकालत की डिग्री भी है। यही नहीं राजनीतिक कौशल भी विरासत में मिला है। पीयूष की चाची सोनिया सिंह 2001 से 2006 तक ब्लॉक की पहली महिला ब्लॉक प्रमुख बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं।
अब एमएलसी के बेटे से क्षेत्रीय जनता को बहुत उम्मीदें हैं कि वह विकास का पहिया किस तेजी के साथ दौड़ाते हैं। हालांकि इतना जरूर है कि चुनाव जीतने के बाद पीयूष विकास कार्य पर अधिक ध्यान देने की बात कह चुके हैं। अजमतउल्लागंज के बीडीसी मुकेश सिंह कहते हैं कि ब्लॉक प्रमुख का चुनाव होने के बाद अब विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल पर एक नजर
हरिपाल सिंह 1960 से 1972
परगनाधिकारी 1972 से 1973
हरिपाल सिंह 1973 से 1977
परगनाधिकारी 1978 से 1983
हरिपाल सिंह 1983 से 1996
रामकुमार कोरी 1996 से 2001
सोनिया सिंह 2001 से 2006
रामभजन गुप्ता 2006 से 2011
शिव कली 2011 से 2016
बबलू पासी 2016 से 2021
बुुनियादी शिक्षा में सुधार पहली प्राथमिकता
नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख पीयूष प्रताप सिंह का कहना है कि समूचे क्षेत्र में बुनियादी शिक्षा में सुधार के लिए काम किया जाएगा। विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा दी जाए, ताकि क्षेत्र में कोई निरक्षर न रहे। शासन की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों को मिले, इसके लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। विकास कराना और क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुनकर उन्हें दूर कराना उनकी पहली प्राथमिकता है।