रायबरेली। दशकों पुराने जर्जर ढांचा सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। जिले में बिजली के लिए त्राहि-त्राहि मची है। इन समस्याओं से दूर पावर कॉर्पोरेशन के अभियंता चेकिंग अभियान चलाकर लगातार छापा मार रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने विद्युत आपूर्ति के समय होने वाले फाल्ट तत्काल ठीक करने का आदेश दिया है, जिले में इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। लोगों को सारी रात अंधेरे में बितानी पड़ती है।
हालात यह है कि ग्रामीण अंचलों में 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है। इस दौरान भी कई बार ट्रिपिंग होती है। यही हाल शहर क्षेत्र का भी है। दिन भर कहीं न कहीं फॉल्ट के चलते लाइन बंद रहती है।
ग्रामीण अंचलों में ज्यादातर किसान धान की रोपाई नलकूप से ही करते हैं। ऐसे में किसानों को इस समय बिजली की ज्यादा जरूरत है, लेकिन इस ओर न तो प्रशासनिक अधिकारियों न ही पावर कॉर्पोरेशन विचार कर रहा है।
सलोन तहसील क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र करहिया और सलोन तहसील के अलावा परशदेपुर और छतोह विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों की हालत दयनीय है। बमुश्किल आठ से दस घंटे ही बिजली मिल रही है। अवर अभियंताओं को तैनाती स्थल पर रहने के निर्देश तो दिए गए हैं, लेकिन यह आदेश महज हवा हवाई ही है। कई-कई दिन अवर अभियंता उपकेंद्रों से गायब रहते हैं।
72 घंटे का दावा हवाई, उपभोक्ता बेहाल
लो वोल्टेज की समस्या से आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। सरकार का आदेश है कि 72 घंटे में ट्रांसफार्मर बदले जाए, लेकिन यहां कई-कई दिनों तक ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाते हैं।
इसकी मुख्य वजह अवर अभियंताओं की मनमानी है। अब ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसे पूरा करने में अवर अभियंता दो से तीन दिन लगा देते हैं। इस वजह से समय से ट्रांसफार्मर समय से नहीं बदले जा रहे हैं। अवर अभियंताओं की मनमानी से वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर उपलब्ध होने के बावजूद नहीं बदले जा रहे हैं।
रेवड़ियों की तरह बांटे जा रहे कनेक्शन
जिले में सौभाग्य योजना के तहत करीब एक लाख कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन बिजली की आपूर्ति वहीं 40 साल पुराने जर्जर तारों से हो रही है। विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि कई सालों से नहीं कराई गई है। बिजली आपूर्ति करने में उपकेंद्रों के उपकरण हांफने लगने हैं। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
उपभोक्ताओं को मिले पूरी सहूलियत, किए जा रहे प्रयास
बिजली की मांग बढ़ने की वजह कुछ समस्याएं जरूर आ रही है, लेकिन उपभोक्ताओं को तकलीफ न हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। अवर अभियंताओं को इसके लिए निर्देशित किया गया है। यदि कोई लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन