रायबरेली। प्रशासकों को भले ही 989 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए भुगतान का अधिकार मिल गया है, लेकिन सामुदायिक प्रसाधनों और पंचायत भवनों के काम को पूरा कराने के लिए ही पेमेंट कर सकते हैं। अन्य किसी भी कार्य के लिए वे पेमेंट नहीं करेंगे। इसके लिए सीडीओ ने प्रशासकों को सख्त निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद ही अन्य कार्यों के संबंध में भुगतान किया जाएगा।
जिले की सभी 989 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो गया था। शासन की मंशा पर सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक बनाया गया थाञ ऑनलाइन भुगतान के लिए डोंगल बनाए गए थे, लेकिन डीएससी में तकनीकी खामियां होने के कारण प्रशासक किसी भी प्रकार की भुगतान नहीं कर पा रहे थे। इससे सामुदायिक प्रसाधनों और निर्माणाधीन पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों आदि का भुगतान नहीं हो पा रहा था। ऐसी स्थिति में काम प्रभावित हो रहा था।
शासन स्तर से डीएससी की तकनीकी खामियां को दूर करा दिया गया है। अब प्रशासकों को ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के संबंध में भुगतान का अधिकार मिल गया है। हालांकि जरूरी कार्यों में ही भुगतान कर सकेंगे। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान की खामियों को निस्तारित होने के बाद प्रशासक अब भुगतान कर सकते हैं। भुगतान का काम भी शुरू हो गया है, लेकिन प्रशासकों को सामुदायिक प्रसाधनों व पंचायत भवनों के कार्यों के लंबित भुगतान के निर्देश ही दिए गए हैं।