गदागंज (रायबरेली)। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या की बहू सविता मौर्या के खिलाफ ब्लॉक प्रमुख की दीनशाह गौरा सीट पर सपा प्रत्याशी सुमन देवी परचा दाखिल नहीं कर पाईं।
आरोप है कि भाजपाइयों ने उनका परचा छीन लिया, जिसके कारण वह नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सकीं। सूचना पर ऊंचाहार से सपा विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और ब्लॉक कार्यालय के गेट के बाहर रोड पर समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बातचीत के बाद मामले को शांत कराया गया। हालांकि एक नामांकन होने से कैबिनेट मंत्री की बहू का ब्लॉक प्रमुख के पद पर निर्विरोध निर्वाचन होना तय माना जा रहा है।
दीनशाहगौरा ब्लॉक में गुरुवार को कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बहू सविता मौर्या ने ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन पत्र जमा किया। बताते हैं कि नामांकन का समय खत्म होने से 20 मिनट पहले सपा प्रत्याशी सुमन यादव नामांकन करने पहुंचीं।
आरोप है कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका नामांकन पत्र छीन लिया और उन्हें परचा दाखिल नहीं करने दिया। नामांकन कराने के लिए साथ आ रहे ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज पांडेय को भी प्रशासन ने रास्ते में ही रोक दिया।
नामांकन पत्र छीनने की जानकारी पर विधायक समर्थकों के साथ ब्लॉक के गेट पर ही नारेबाजी करने के साथ धरने पर बैठ गए। प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का सहारा लेकर सब करवा रही है, जिसमें प्रशासन की मिलीभगत है। एक कैबिनेट मंत्री के इशारे पर सब कुछ हो रहा है।
जानकारी मिलते ही डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी श्लोक कुमार धरने पर बैठे पूर्व मंत्री से बात करने के लिए पहुंचे। काफी देर तक बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
इससे पहले एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने भी विधायक को मनाने का प्रयास किया। मामले में एसपी का कहना है कि सपा प्रत्याशी से यदि नामांकन पत्र छीन लिया गया था तो वह ब्लॉक के अंदर जाकर फिर से नामांकन पत्र जमा कर सकती थीं। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
एमएलसी के बेटे के समर्थक व एक अन्य प्रत्याशी के समर्थकों में बवाल
हरचंदपुर। ब्लॉक में एमएलसी दिनेश सिंह के बेटे व ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी पीयूष प्रताप सिंह व एक अन्य प्रत्याशी के समर्थकों के बीच नामांकन पत्र जमा करने को लेकर विवाद हो गया।
पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और दावेदारों के समर्थकों के बीच हाथापाई तक हुई। बाद में कई थानों का पुलिस बल बुला लिया गया तो स्थिति संभली।
बताते हैं कि गुरुवार को अशोक कुमार नामांकन कर रहे थे तभी पीयूष प्रताप सिंह नामांकन करने के लिए पहुंच गए। दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच विवाद शुरू हो गया।
समर्थकों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई तक शुरू हो गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बड़ी मुश्किल से मामला शांत हुआ। सीओ महाराजगंज राम किशोर सिंह ने बताया कि प्रमुख पद के लिए नामांकन के दौरान नामांकन स्थल पर समर्थकों के जाने को लेकर उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच बवाल हो गया था। मामले को शांत करा दिया गया है।
प्रत्याशी के प्रस्तावक को पुलिस ने हिरासत में लिया
परशदेपुर। छतोह ब्लॉक में नामांकन के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी संगीता के प्रस्तावक एवं बीडीसी विशाल सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस पर जमकर हंगामा हुआ। संगीता का आरोप है कि एक पार्टी के दबाव में पुलिस काम कर रही है। थानेदार राजकुमार पांडेय का कहना है कि विशाल सिंह जिला बदर अपराधी है। इस पर उसे पकड़ा गया। हालांकि पुलिस ने दबाव बनाकर मामले को शांत करवा दिया।