19 अगस्त 1908 में जन्मे उस्ताद अब्दुल राशिद खां का संगीत से काफी जुड़ाव था। उनके करीबी यहां के किला बाजार निवासी निसार वारिस बताते हैं कि उन्होेंनें शुरुआती शिक्षा जिले में हासिल की। इसके बाद कोलकाता चले गए।
भारतीय शास्त्री गायन के क्षेत्र में कई सफलताएं अर्जित की। 105 साल की उम्र में उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वर्तमान में आईटीसी संगीत रिसर्च एकेडमी कोलकाता में रहकर संगीत की शिक्षा दे रहे थे।
दिल्ली सरकार ने 2013 में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया। राशिद खयाल, धमार और ठुमरी गायक थे। उन्होंने बीबीसी, इराक रेडियो, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ और आईटीसी संगीत रिसर्च एकेडमी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
उन्हें 2009 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2003 में काशी स्वर गंगा पुरस्कार भी मिल चुका है। उनके निधन की खबर पर यहां लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।