रायबरेली। कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी से जूझा स्वास्थ्य विभाग आशंकित तीसरी लहर को लेकर अभी से पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। इसके चलते ही मंगलवार को जिले को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन से 196 आक्सीजन कंसंट्रेटर और मिले हैं।
एम्स और जिला अस्पताल में एक-एक हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) और जिला महिला अस्पताल में 500 एलपीएम क्षमता के आक्सीजन प्लांट लगाने का काम भी शुरू हो गया है। सभी सीएचसी व पीएचसी में यह कंसंट्रेटर इमरजेंसी में उपयोग को रखवाए जाएंगे।
कोरोना की दूसरी लहर में जिले में करीब तीन सौ संक्रमित मरीजों की मौत हुई थी। इतना ही नहीं आक्सीजन की कमी को लेकर भी लोगों को काफी परेशान होना पड़ा था।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को मांग के अनुरूप पर्याप्त आक्सीजन मुहैया नहीं करवा पाया था। इसको लेकर ही आशंकित तीसरी लहर के दौरान आक्सीजन की कमी से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन से जिले को 196 कंसंट्रेटर और मिले हैं। इसमें पांच एलपीएम के 180 और 10 एलपीएम के 16 कंसंट्रेटर शामिल हैं। जबकि रेलकोच के एल-2 अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया है।
स्मृति ईरानी की निधि से डीह में चल रहा काम
केंद्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी की निधि से बजट मिलने के बाद डीह सीएचसी में 30 बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए काम शुरू हो गया है। इसी महीने यह काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा सीएचसी रोहनियां में भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने का काम चल रहा है। रोहनियां में भी कोरोना संक्रमित 30 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है।
एल-2 प्लांट से ऑक्सीजन सीएचसी पहुंच रही
रेलकोच के एल-2 अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट से सीएचसी को ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान समय में एल-2 में गंभीर मरीज भर्ती नहीं हैं। ऐसे में एल-2 में ऑक्सीजन की डिमांड नहीं है। स्वास्थ्य विभाग एल-2 प्लांट से ऑक्सीजन जरूरत के हिसाब से सीएचसी को भेजवा रहा है। विभाग को वर्तमान समय में बाहर से ऑक्सीजन नहीं मंगवानी पड़ रही है।
उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन से 196 और आक्सीजन कंसंट्रेटर मिले हैं। 200 कंसंट्रेटर पहले से ही काम कर रहे हैं। एम्स, जिला महिला और पुरुष अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी लगाए जा रहे हैं। रोहनियां और डीह सीएचसी में भी इसको लेकर काम चल रहा है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ