सतांव। उन्नाव जनपद के बिहार क्षेत्र में बुधवार रात ट्रक का पहिया खोलते समय तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में अटौरा बुजुर्ग गांव निवासी हरिशचंद्र (32), मिथुन (25) व हरिश्चन्द्र के मामा के दामाद प्रतापगढ़ निवासी प्रदीप ने दम तोड़ दिया। बृहस्पतिवार की सुबह तीनों युवकों की मौत की सूचना परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। देर शाम को शव गांव पहुंचे तो परिवार के लोग रोते बिलखते नजर आए।
मिथुन पिता की मौत के बाद भठ्ठे पर मजदूरी कर अपनी मां बबिता के साथ जीवन यापन कर रहा था। मिथुन की मां बबिता बिलखते हुए कहती हैं कि बेटे से आखिरी बार रात में बात हुई थी। बेटे ने कहा कि अम्मा खाना खाकर आराम करो, हम यहां पर काम को निपटाकर लौट आएंगे। वह कहती हैं कि पति के मौत के बाद इकलौता सहारा भी भगवान ने छीन लिया। बबिता बेटे के शव को देखकर कहती हैं कि जिंदगी अब किसके सहारे कटेगी। भगवान ने बेटे को भी छीन लिया।
हरिश्चंद्र अपने तीन भाई सोनू व मुकेश में सबसे छोटा था। सभी भाई अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं। हरिश्चंद्र भट्ठे पर मजदूरी करके मां श्यामा देवी, पत्नी उमा तथा दो बेटे अंश व आयाशं का पालन कर रहा था। पति की मौत से हरिश्चंद्र की पत्नी उमा का रो-रोकर बुरा हाल है।